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आंदोलन में पहुंचे फायर फाइटर्स ने लगाया ‘गोल गप्पा लंगर’, सभी किसानों को मुफ्त खिलाया

दिल्ली के सिंघु बार्डर (Singhu Border) पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए कुछ लोगों ने लगाया 'गोल गप्पा लंगर’

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Vivhav Shukla

Dec 25, 2020

Gol Gappa Langar at Singhu border firefighters Christmas gift

Gol Gappa Langar at Singhu border firefighters Christmas gift

नई दिल्ली। पिछले 29 दिनों से कई हजार किसान देश की राजधानी में प्रदर्शन कर रहे हैं। हाड़ कंपा देने वाली ठंड भी अपनी मांगों के लेकर अड़े हुए है। उनका कहना है कि जबतक सरकार तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर देती तब तक वे धरना देते रहेंगे। किसान अपने प्रदर्शन में रोज लंगर भी लगवा रहें हैं जहां कोई भी शख्स बिना पैसे दिए खाना खा सकता है। लेकिन क्रिसमस के दिन कुछ लोगों ने किसानों के लिए गोल गप्पे का लंगर लगा दिया। वे किसानों को मुफ्त में गोल गप्पे खिला रहे थे।

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लगाया ‘गोल गप्पा लंगर’

दरअसल, मामला दिल्ली के सिंघु बार्डर (Singhu Border) का है। यहां प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच कुछ लोगों ने मुफ्त गोल गप्पा बांटने शुरू कर दिए। देखते ही देखते उनकी स्टाक चंद मिनटों में खत्म हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक ये लोग हरियाणा के सिरसा के रहने वाले हैं और रनिया फायर स्टेशन में तैनात है। इनमें से एक ने मीडिया से बात करते हुए बताया उनका नाम सुरेंद्र कंबोज है औऱ वे प्रदर्शन में हिस्सा लेने आए थे।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दैरान उन्हें एक बच्चा मिला जो एक गोलगप्पे वाले के पास खड़ा था। उन्होंने उससे पूछा यहां क्यों हो? तो उसने कहा मुझे गोलगप्पे खाने हैं लेकिन मेरे पास पैसे नहीं है। इसके बाद हमने गोल गप्पे बेचने वाले से उसका पूरा माल खरीद लिया है और वहीं ‘गोल गप्पा लंगर’ लगा दिया। हमारे लंगर में कई किसान भाई भी आए। ये हमारा उनके लिए एक छोटा सा क्रिसमस गिफ्ट था।

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गोल गप्पे बेचने वाला भी हुआ खुश

सुरेंद्र ने बताया कि गोल गप्पे ने हमें बताया कि वे भी कई दिनों से कुछ खास नहीं कमा पा रहा था। उसने हमें बताया कि लोग लंगरों में खाना खा लेते थे। ऐसे में लोग वहीं खा लेते हैं। जिसके बाद हमने उसका सारा माल खरीद लिया, जिसके बदले उसे 1000 रूपए भी दिए। बता दें गोल गप्पे बेचने वाले के लिए भी ये किसी गिफ्ट से कम नहीं था। उसने बताया कि पिछले 3 दिन में उसने 500 रूपए कमाए थे। ऐसे में 1000 मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं।