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आयुर्वेद से कैंसर का जल्द होगा ठोस इलाज!

स्वास्थ्य मंत्रालय करेगा शोध। अायुर्वेद के तमाम दावों की प्रमाणिकता वैज्ञानिक तरीके से जांची जाएगी।

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rohit panwar

Oct 20, 2016

Cancer ayurvedic treatment

Cancer ayurvedic treatment

नई दिल्ली. दुनिया को अभी तक कैंसर का इलाज नहीं मिल सका है। शुरुआती स्टेज में उपचार संभव है मगर आखिरी चरण में कोई इलाज नहीं है। आयुर्वेद में इसके उपचार का दावा तो किया जाता है मगर वैज्ञानिक रूप से इस बाबत कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं। ऐसे में अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयुर्वेद में कैंसर का ठोस इलाज ढूंढने के लिए नई पहल की है।

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अायुर्वेदिक उपचार के दावों को प्रमाणित किया जाएगा

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के कैंसर विभाग और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (एआईआईए) ने इस बाबत करार किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ये दोनों एजेंसियां आयुर्वेद में इलाज के लिए किए जाने वाले दावों का अध्ययन करेंगी। दोनों जांच करेंगी कि क्या आयुर्वेद के पारंपरिक इलाज से आखिरी स्टेज में भी कैंसर के मरीज को बचाया जा सकता है ? आईसीएमआर की निदेशक सौम्या स्वामीनाथन कहती हैं कि इस जानलेवा बीमारी के लिए एलोपैथ और आयुर्वेद सालों से काम कर रहा है। दोनों में इसकी थैरेपी है। मगर आयुर्वेद में उपचार का कोई प्रमाणित डॉक्यूमेंटशन नहीं है। निदेशक कहती हैं कि दुनियाभर में आयुर्वेदिक उपचार के ठोस दावों को प्रमाणिकता दिलाने और इसमेंं सफल इलाज के तरीके ढूंढने के लिए ही यह पहल की गई है।
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हल्दी से उपचार कैसे?

एआईआईए के निदेशक अभिमन्यु कुमार कहते हैं कि सबसे पहले हम एक डाटा बेस तैयार करेंगे। एलोपैथ और आयुर्वेद में कैंसर के उपचार व उसकी थैरेपी से जुड़ी जो भी दावे व जानकारियां हैं, उन्हें डाटाबेस में डाला जाएगा। वो कहते हैं कि घर में इस्तेमाल होने वाली हल्दी से भी कैंसर को बिल्कुल खत्म करने का दावा किया जाता है मगर वैज्ञानिक तरीके से इसकी अब तक पुष्टि नहीं हो पाई है। ऐसी ही विधियों पर शोध किया जाएगा। यही नहीं, दोनों एजेंसियों ने एक पोर्टल भी लॉन्च किया है। इसमें दुनियाभर के चिकित्सकों व अन्य लोगों से इलाज के दावों को लेकर राय मांगी गई है।

अमरीका को साझा होगी जानकारी

अहम बात यह है कि अमरीका आयुर्वेद के जरिये कैंसर के इलाज की विधि जानने में दिलचस्पी ले रहा है। यूएस नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट को इस शोध के परिणाम साझा किए जाएंगे। उन्हें आयुर्वेदिक तरीके बताए जाएंगे। बता दें कि इस साल के शुरुआत में अमरीका और भारत के बीच कैंसर के इलाज को लेकर एक करार हुआ था। इसी कवायद में जानकारी दी जाएगी।

अब तक क्या-क्या दावे

-योग से ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों की आयु बढ़ती है।
- मेडिटेशन से कैंसर के ट्यूमर पर कुछ हद तक काबू पाने में मदद।
- पंचकर्मा थैरेपी (तेल) से दर्द कम होता है और मरीज कुछ समय और जी पाता है।