गुजराती साहित्य के जानेमाने नाम रघुवीर चौधरी द्वारा लिखी हुई रूद्र महालय गुजराती हिस्टोरिकल नॉवल लेखन में एक लैंडमार्क की तरह जाना जाता है। वर्ष 1977 में उनकी रचना उप्रवास कथात्रई के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने अब तक 80 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं जिनमें अमृता, सहवास, अन्तर्वास, पूर्वरंग, वेणु वात्सल, तमाशा और वृक्ष पतनमा प्रमुख हैं।