
dengue
नई दिल्ली। पिछले पांच सालों में देश की राजधानी दिल्ली में डेंगू का सबसे खतरनाक कहर देखने को मिल रहा है। अभी तक दिल्ली में डेंगू के 1800 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं डेंगू के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कोर्ट ने सरकार से डेंगू से लडऩे के लिए कदम उठाने को भी कहा है। वहीं तीन वर्षीय बच्ची की भी गुरुवार को डेंगू से मौत हो गई, इसके चलते मौतों का आंकड़ा बढ़कर 15 हो चुका है।
कोर्ट की ओर से केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को दो हफ्तों में एफीडेविट फाइल करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा नई दिल्ली म्यूनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी) व दिल्ली एमसीडी को भी नोटिस भेजा गया है।
वहीं इस मामले में एक याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि डेंगू के कारण जिन दो बच्चों की मौत हुई है उन्हें प्राइवेट अस्पतालों ने इलाज के लिए जगह क्यों नहीं दी। इस मामले में अगली सुमवाई 24 सितंबर को होनी है।
डेंगू पीडि़त दो बच्चों के दिल्ली के कई हॉस्पिटल्स द्वारा इलाज से इंकार करने के बाद हुई मौतों ने पूरे देश में रोष पैदा किया। दक्षिणी दिल्ली में इनमें से बच्चे के माता पिता ने बिल्डिंग से कूद कर जान दे दी। सरकार ने हॉस्पिटल्स को चेताया है कि उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है यदि वे डेंगू के पेशंट्स को भर्ती करने से इंकार करेंगे।
राज्य सरकार के हॉस्पिटल्स में सीएम अरविंद केजरीवाल और कई मंत्रियों ने औचक दौरे किए। लेकिन अब भी हॉस्पिटल्स में पेशंट्स ज्यादा हैं और उन्हें अटेंड करने के लिए डॉक्टर कम।
Published on:
17 Sept 2015 03:39 pm
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