
heavy rain in gujarat
सूरत। शहर और जिला सहित दक्षिण गुजरात में बरसात की झड़ी तीसरे दिन भी जारी है। बुधवार सुबह से ही तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इस दौरान 30 से 35 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिसमें शहर के लगभग सभी इलाकों में 500 से 700 पेड़, खंभे, बैनर, पोस्टर व मोबाइल टॉवर तक धराशाई हो गए। इसमें कुछ वाहन दब गए तो कुछ लोग
बाल-बाल बचे। जगह-जगह पेड़ गिरने के फोन कॉल्स से दमकल विभाग में भी भाग-दौड़ मच गई। वहीं निचले इलाकों में पानी भरने से जन-जीवन प्रभावित हुआ। शहर के कई स्कूलों में बच्चों की छुट्टी कर दी गई है। दोपहर तक सूरत में 5 इंच बरसात हुई।
आगे वाले पहियों पर खड़ा हुआ लोडिंग ऑटो, देखें तस्वीरें
बरसाती तूफान (रैन स्ट्रोम) का असर पूरे दक्षिण गुजरात के कोस्टल एरिया में देखा गया। गुजरात के बंदरगाहों पर तीन नंबर का अलर्ट जारी है। फिलहाल जनहानि की कोई सूचना नहीं है। उधर, सूरत से सटे संघ प्रदेश दमण में कोस्ट गार्ड ने तूफान में फंसे 14 लोगों को बचाया है। अरब सागर में बने विक्षोभ से मौसम विभाग ने तूफानी हवाओं के साथ बारिश
की चेतावनी दी थी। यह विक्षोभ सौराष्ट्र के दीव से 40-50 किमी दूर बताया गया है। समंदर में तेज लहरें उठने के साथ-साथ हवा की गति 45-60 किमी प्रति रहने की संभावना जताई गई थी।
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इससे पहले सूरत सहित दक्षिण गुजरात में सोमवार से धीमे-धीमे शुरू हुई बारिश से यहां का वातावरण हिल स्टेशन जैसा हो गया था। मंगलवार को तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई जो जिसने बुधवार को तूफानी रूप ले लिया। इसके चलते सूरत के ज्यादातर स्कूलों में छुट्टी कर दी गई, स्कूल पहुंचे बच्चों को भी बाद में छुट्टी दे दी गई। सूरत के रांदेर,
अडाजन, उधना, पांडेसरा, नवागाम डिंडोली, पर्वत पाटिया, गोडादरा आदि क्षेत्रों में पेड़ गिरने से घंटों बिजली गुल रही। कहीं जर्जर मकान ढहने की सूचना है तो कहीं मिलों की चिमनियां गिर गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, शहर का अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहा। वहीं आद्रता 17 प्रतिशत रही। हवा की गति दक्षिण से पश्चिम की ओर 35 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई है। इसके अलावा अगले 24 घंटे में फिर घनघोर बारिश की चेतावनी दी गई है। फिलहाल महानगर पालिका और दमकल विभाग के कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई है।
पेड़ गिरने के 110 कॉल
सूरत में दमकल विभाग को बुधवार दोपहर डेढ़ बजे तक पेड़ गिरने के 110 कॉल आए। दूसरी तरफ पांडेसरा क्षेत्र में मंगलवार रात को बारिश के चलते जर्जर दीवार ढहने से एक ही परिवार के तीन जने घायल होने की जानकारी मिली है। दमकल विभाग के जवान दिनभर गिरे पेड़ों को काट रास्ता साफ करने में जुटे रहे। इसके अलावा निचले इलाकों में भरे पानी
को निकालने की भी कवायद जारी रही। मनपा के सैकड़ों कर्मचारी सड़कों पर नज़र आए।
वापी-वलसाड-भरुच-नवसारी में मूसलाधार
भरुच व दहेज इलाकों में भी तूफानी बारिश से कई फैक्ट्रियों की छत उड़ गई। भरुच में नई कलेक्ट्रेट में लगे शीशे टूट गए तो वहीं एक स्कूल की छत व सिविल अस्पताल की बॉलकोनी गिर गई। नवसारी व वापी-वालसाड़ में भी तेज चक्रवाती हवाओं के साथ हुई तेज बारिश में ऐसे नजारे देखने को मिले। कई इलाकों में दो से तीन इंच बारिश हुई। कई जिलों में बिजली घंटो गुल रही।
Published on:
24 Jun 2015 05:14 pm
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