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केरल: खतरनाक बुखार से 15 लोगों की मौत, 13 जिलों में अलर्ट जारी

मरने वालों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है।

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केरल: खतरनाक बुखार से 15 लोगों की मौत, 13 जिलों में अलर्ट जारी

तिरुवंनतपुरम। केरल में कुदरती कहर जारी है। पहले बारिश और फिर उसके बाद बाढ़ ने हालत खराब कर दिए। तीन सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। धीरे-धीरे स्थिति अब सामान्य हो रही है। इस बीच चूहों ने कहर बरपाया हुआ है। रविवार को केरल में लेप्टोस्पायरोसिस (चूहा बुखार) से तीन और मौतों हो गई।रैट फीवर से केरल में अबतक 25 लोगों की मौत की खबर है।

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कई जिले में हाई अलर्ट जारी

मीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (डीएचएस) के अनुसार, 1 अगस्त और 2 सितंबर के बीच, 10 लोगों की मौत लेप्टोस्पायरोसिस के कारण हुई। शनिवार और रविवार को 10 में से चार मौतों की सूचना मिली थी। दो दिनों में, 73 मामलों की पुष्टि की गई है। सबसे ज्यादा 28 मामले कोझिकोड में देखने को मिले, शेष आलप्पुषा, त्रिशूर और पठानमथिट्टा के हैं। रैट फीवर यानी लेप्टोस्पायरोसिस के संपर्क में आए लोगों के लिए राज्य सरकार खास इंतजाम कर रही है।चौबीस घंटे की हेल्पलाइन शुरू की गई है। स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलाजा ने भरोसा देते हुए कहा है कि इससे दहशत में आने की जरूरत नहीं हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग निवारक उपायों को भी बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा है कि, "हर अस्पताल को सभी आवश्यक दवाओं के साथ भंडारित किया गया है। 13 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए लोग लगातार आर्थिक मदद कर रहे हैं।

क्या है लैप्टोस्पाइरोसिस ?

रैट फीवर यानी लैप्टोस्पाइरोसिस दरअसल लेप्टोपाइरोसिस बीमारी चूहों, कुत्तों व दूसरे स्तनधारियों में पाई जाती है जो कि आसानी से इंसानों में फैल जाती है। केरल में बरसात का पानी चूहे के बिलों में घुसने से उनका मूत्र पानी में मिल गया। चूहे के मूत्र में जीवाणु होते हैं। जब पैर कटने, चोट लगने या फिर छिलने के बावजूद गंदे पानी और गंदे पानी में जाएं तो यह जीवाणु शरीर में पहुंच जाता है। इसके लक्षण सप्ताह भर बाद सामने आते हैं। इससे सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ पीलिया की संभावना भी रहती है। देर से इलाज कराने पर यह बीमारी घातक साबित हो सकती है। पीड़ित व्यक्ति को पहले बुखार आता है जो लगातार तेज होता जाता है। सर्दी-जुकाम बना रहता है।