
payal abdullah
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से अलग रह रही उनकी पत्नी पायल अब्दुल्ला को 7 अकबर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करना होगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान ये टिप्पणी की। कोर्ट ने पायल के वकील से कहा, आप सम्मानजनक तरीके से बंगाली खाली करेंगे या हम आदेश जारी करें।
इस पर वकील ने कहा, कोर्ट को आदेश जारी करना चाहिए। अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा कि इस संबंध में डिटेल ऑर्डर जारी किया जाएगा। इसमें बताया जाएगा कि उन्हें कितने वक्त में बंगला खाली करना होगा। जस्टिस इंदरमीत कौर ने कहा, जब तक पायल और उनके बच्चे दिल्ली में रहेंगे उन्हें दिल्ली पुलिस सुरक्षा मुहैया कराएगी। गौरतलब है कि 16 अगस्त को पटियाला हाउस कोर्ट ने भी पायल अब्दुल्ला को सरकारी बंगला खाली करने को कहा था।
केन्द्र ने हाईकोर्ट में कहा है कि पायल को विशेष खतरे की सूचना नहीं है। दूसरी जगह भी उन्हें पर्याप्त सुरक्षा दी जा सकती है। इससे पहले पायल की याचिका पर हाईकोर्ट ने केन्द्र सरकार के बंगला खाली करने के आदेश पर रोक लगा दी थी। साथ ही केन्द्र और जम्मू कश्मीर सरकार को नोटिस जारी किया था। केन्द्र ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट दी और कोर्ट को बताया कि हालिया सुरक्षा रिव्यू के मुताबिक उन्हें कोई विशेष खतरा नहीं है लेकिन उमर अब्दुल्ला के परिवार से जुड़ी होने की वजह से उन्हें जम्मू कश्मीर के आतंकियों से खतरा हो सकता है।
केन्द्र सरकार इसी तरह की सुरक्षा दूसरी जगह भी दे सकती है। वहीं जम्मू कश्मीर सरकार ने कहा कि पायल केन्द्र नहीं बल्कि राज्य की सुरक्षा में है। वैसे भी उक्त बंगला राज्य के मुख्यमंत्री के लिए आवंटित किया गया है। इसी दौरान हाईकोर्ट ने पायल के वकीलों से पूछा कि वह कब तक बंगला खाली कर सकती है लेकिन वकील कोई समय सीमा नहीं बता पाए। इसके बाद हाईकोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। हाईकोर्ट ने कहा कि आपको सुरक्षा देने से कोई इनकार नहीं कर रहा लेकिन आपको दूसरी जगह जाकर रहना होगा।
पायल और उनके दो बेटे फिलहाल दिल्ली के इसी बंगले में रह रहे हैं। उमर अब्दुल्ला जब 1999 में मंत्री बने थे तो यह बंगला आवंटित किया गया था। जब वह मंत्री नहीं थे तब भी सुरक्षा कारणों से उनसे बंगला खाली नहीं कराया गया। पायल ने अपनी याचिका में कहा है कि सुरक्षा के लिए उनको जेड प्लस सिक्योरिटी दी गई है। जिसमें करीब 94 सुरक्षा कर्मी हैं,अगर टाइप-8 को बदला जाता है तो फिर इतने सुरक्षाकर्मियों के लिए छोटे बंगले में रहना मुश्किल है। सरकार ने इसी आधार पर बंगला खाली करने का आदेश दिया था कि उमर अब्दुल्ला सरकार में नहीं है।
Published on:
19 Aug 2016 04:11 pm
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