
konark temple
भुवनेश्वर। ओडिशा के विश्व धरोहर स्थल कोर्णाक मंदिर (सूर्य मंदिर) के दर्शन करने के लिए अब पर्यटकों को अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी, क्योंकि मंदिर की टिकट के मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। ये फैसला मंदिर के पुर्नरुद्धार से पहले लिया गया है। इस ऐलान के बाद अब पर्यटकों के लिए मंदिर के दर्शन करना महंगा हो जाएगा। हालांकि पर्यटकों ने इस फैसला का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बस जल्दी से अब कोणार्क मंदिर को और भी आकर्षक बनाने के लिए और पुराने स्वरूप में वापस लाने के लिए जल्दी काम शुरू होना चाहिए।
स्वर्णिम रहा है कोर्णाक मंदिर का इतिहास
आपको बता दें कि इस ऐतिहासिक स्थल में रोज शाम को 45 मिनट का ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसके माध्यम से इसके स्वर्णिम इतिहास के सजीव चित्रण से पर्यटक आकर्षित होते हैं। लेकिन इसे पुराने स्वरुप में लाना एएसआई के समक्ष यक्ष प्रश्न है। समुद्री हवाओं के लवण से कोणार्क मंदिर का जैव क्षरण तेजी से हुआ है।
छिन भी सकता है कोर्णाक मंदिर के विश्व धरोहर का दर्जा
अंग्रेजों ने 1902 में इसे क्षरण से बचाने के लिए गर्भगृह से सूर्य ? की प्रतिमाएं निकाल कर वहां पर बालू और ईंटें भर दी थीं। बताते हैं कि सूर्य की तीन मूर्तियां गर्भ गृह से निकलवा कर राष्ट्रीय संग्रहालय भिजवा दी थीं। एएसआई की
देखरेख में यहां पुर्नरुद्धार का काम चल रहा है। यूनेस्को ने इसे विश्व स्तरीय धरोहर का दर्जा दिया था। विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि रखरखाव ठीक से नहीं किया जा सका तो यूनेस्को विश्व स्तरीय धरोहर का दर्जा वापस भी ले सकता है।
ये होगा टिकट का नया मूल्य
जानकारी के अनुसार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने टिकट की दर बढ़ाने का निर्णय किया है। मसौदे के अनुसार दक्षिण एशियाई देश बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, मालद्वीप और अफगानिस्तान तथा बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, थाईलैंड व म्यांमार के प्रत्येक पर्यटक को 40 रुपया (अभी यह 30 रुपया है) टिकट का देना होगा। बाकी देशों के पर्यटकों के लिए 600 रुपया प्रति टिकट दर होगी। कोणार्क सुरक्षा समिति ने धरना देकर टिकट की दर बढ़ाए जाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की है।
Published on:
10 Jan 2018 05:36 pm
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