हिमाचल प्रदेश केे मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे मंडी व हमीरपुर जिले के तीन लोगों की मौत हो गई है
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर तबाही लेकर आई है। यही वजह है कि भारत में हजारों लोग रोजाना कोरोना वायरस की भेंट चढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र, पंजाब और गुजरात समेत कई राज्यों के हाल बुरे हैं। तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकारों को यहां नाइट कर्फ्यू व लॉक डाउन जैसे सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं। इस बीच हिमाचल प्रदेश केे मंडी से बड़ी खबर सामने आई है। यहां नेरचौक मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे मंडी व हमीरपुर जिले के तीन लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही जिले में कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड के रिकॉर्ड 410 केस सामने आए हैं। इनमें से 161 केस आरटीपीसीआर और 249 रैपिड एंटीजन टेस्ट मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को होम आइसोलेट कर दिया है। जबकि मंडी जिले का सुंदरनगर, सरकाघाट, जोगेंद्रनगर, बल्ह, पद्धर, धर्मपुर, सदर व करसोग उपमंडल कोरोना महमारी के हॉटस्पॉट बन गए हैं, जिसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। सुंदर नगर सबडिविजन के सुंदर नगर शहर व आसपास के इलाके में ही कोरोना के रोजाना 25 से 30 मामले सामने आ रहे हैं। पिछले सात दिनों के भीतर यहां पांच लोगों की जान चली गई है। वहीं, सुंदरनगर उपमंडल के बाहोट, अरठी, पुंघ, डेंटल कॉलेज कन्या छात्रावास, पुराना बाजार, भड़ोह, ड्रेजर परिसर, कंडयाह, जुगाहण, खतरवाड़ी, न्यू बीबीएमबी कॉलोनी, चत्तरोखड़ी, बोबर, डाकघर सुंदरनगर, डैहर, अलसू, सलापड़, धनोटू, फागला, डढय़ाल, महादेव 46 लोग संक्रमित पाए गए हैं। बल्ह उपमंडल के सयोरा, लुणापानी, लोहारा व नेरचौक मेडिकल कॉलेज, बग्गी, लोअर रिवालसर, टांवा, ढाबण, दौहंधी गुटकर रजवाड़ी, कुम्मी व मलवाणा में 22 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। आपको बता दें कि ज्य में कोरोनावायरस मामलों की संख्या में वृद्धि के बीच, हिमाचल प्रदेश सरकार ने गुरुवार को विवाह और अन्य समारोहों के दौरान सामुदायिक दावतों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विवाह और अन्य समारोहों में 20 लोगों की अनुमति होगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी शैक्षणिक संस्थान और मंदिर 10 मई तक बंद रहेंगे। सरकारी कार्यालय सप्ताह में पांच दिन कक्षा तीन और चार के 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से ज्यादा जनसंख्या वाले जिलों जैसे कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन, ऊना और सिरमौर में बिस्तर की क्षमता बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।