26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कोरोना को दावत! पहाड़ों पर उमड़ी सैलानियों की भीड़, नहीं मिल रहे होटल में रूम

सैलानियों से भरी पहाड़ों की सड़कें, हिमाचल प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक पहुंच रहे कोरोना से बेपरवाह पर्यटक, कोरोना बंदिशे खासकर RTPCR रिपोर्ट के खत्म करने का नतीजा
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Dheeraj Sharma

•

Updated: 6 Jul 2021, 10:48 AM IST

601.jpg

नई दिल्ली। देश भले ही कोरोना की दूसरी लहर ( Coronavirus Secon Wave ) से उबर रहा है, लेकिन अब भी तीसर लहर की आहट और उसका खतरा मंडरा रहा है। लेकिन लोगों ने इस खतरे को एक बार फिर नजर अंदाज कर दिया है। जैसे लॉकडाउन ( Lockdown ) में ढील मिली लोगों ने पहाड़ों की ओर रुख कर लिया। हालात यह है कि हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh ) से लेकर उत्तराखंड ( Uttarakhand ) तक तमाम हिल स्टेशनों पर सैलानियों ( Tourist ) को जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है।

हालत यह है कि सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग तो नजर आ ही रहे हैं, साथ ही होटल में रूम भी नहीं मिल रहे हैं। इससे पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के चेहरे पर मुस्कान जरूर है, लेकिन सैलानियों की ये भीड़ कहीं कोरोना को दावत तो नहीं दे रही। क्योंकि इतनी ज्यादा भीड़ के चलते ये इलाके कोरोना स्प्रेड का बड़ा हॉट स्पॉट बन सकते हैं।

यह भी पढ़ेँः Black Fungus का नया खतरा, आंख और दिमाग के बाद अब जबड़े पर भी कर रहा हमला

कोरोना की तीसरी लहर आई तो स्थिति भयावह हो सकती है। इसकी वजह बन सकती है हमारी लापरवाही। जो खतरों को कम करने की बजाय और बढ़ा सकती है। कुछ ऐसी ही लापरवाही इन दिनों पहाड़ों पर देखने को मिल रही है।

राज्यों की ओर से लॉकडाउन समेत अन्य पाबंदियों में ढील देने के बाद पहाड़ी राज्यों में बेतहाशा पर्टयक पहुंच रहे हैं। हालांकि इसकी एक और बड़ी वजह भीषण गर्मी भी है। उत्तर भारत के कई राज्यों में इन दिनों जोरदार गर्मी पड़ रही है। लिहाजा लोगों को पहाड़ों की याद सता रही है।

पहाड़ी राज्यों की तरफ बढ़ने वाले रास्ते पर गाड़ियों का रेला लगा हुआ है। सड़कें इंसानों की भीड़ से गुलजार हैं। क्या बच्चे, क्या बूढ़े, क्या जवान हर कोई पहाड़ियों का लुत्फ उठाने पहुंच रहा है।

इस भीड़ में दूरी का ख्याल रख पाना तो नामुमकिन है, लेकिन कई जगहों पर लोगों को चेहरे पर मास्क तक लगा हुआ नहीं दिख रहा है।

होटलों में नहीं मिल रहे रूम
कई हिल स्टेशनों पर सैलानियों की ऐसी बाढ़ आ गई है कि होटलों में ऑनलाइन तो छोड़िए ऑफलाइन बुकिंग भी नहीं मिल रही। हिमाचल प्रदेश की बात करें तो हर रोज करीब 20 हजार से ज्यादा वाहन बाहरी राज्यों से प्रवेश कर रहे हैं। वहीं सिर्फ जून के महीने में 5 से 6 लाख पर्यटक हिमाचल की वादियों का लुत्फ उठाने पहुंचे हैं।

दरअसल 14 जून से कोरोना बंदिशे खासकर RTPCR रिपोर्ट के खत्म करने राज्य सरकार के फैसले के बाद से ही यहां तेजी से पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले तीन सप्ताह के दौरान 3 लाख से ज्यादा वाहन हिमाचल प्रदेश में आ चुके हैं।

डरा देगा मनाली की सड़कों का ये वीडियो
मनाली की सड़कों पर बेफिक्र सैलानियों की ये भीड़ आपको डरा सकती है। लोगों की इस भीड़ वीडियो सामने आया है। इसमें आप देख सकते हैं कि किस तरह पहाड़ों पर इन दिनों लोग कोरोना से बेपरवाह घूम रहे हैं। लोगों के इस तरह घूमने को लेकर राज्य सरकार की तैयारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं।

मनाली में तेजी से बढ़ रही भीड़ को लेकर हिमाचल प्रदेश के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने भी ट्वीट किया। उन्होंने इसे 'प्रतिशोध के साथ पर्यटन' कहा। साथ ही ये भी अप्रत्यक्ष रूप से लोगों से महामारी के बीच राज्य में आने की जल्दबाजी न करने का आग्रह भी किया।

यह भी पढ़ेँः कोरोना से उबरने के बाद गल रही हड्डियां, मुंबई में 3 केस मिलने से बढ़ी चिंता

नैनीताल में भी उमड़ा सैलानियों का सैलाब
कुछ ऐसा ही नजारा उत्तराखंड के नैनीताल में भी देखने को मिल रहा है। यहां पर भी सैलानियों की खासी भीड़ देखने को मिल रही है। सड़कें हों या नैनी झील में चलन वाली नाव सबकुछ फुल बुकिंग है।
भले ही इस भीड़ ने पर्यटन उद्योग को ऑक्सीजन देने का काम किया हो, लेकिन प्रशासन और लोगों की लापहरवाही कहीं तीसरी लहर को न्योता ना दे डाले।