
नई दिल्ली। रोहिंग्या मामले में केंद्र सरकार ने एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया है। गृह मंत्रालय ने रोहिंग्याओं की घुसपैठ रोकने के लिए बीएसएफ को निर्देश दिए हैं। एक हिंदी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रोहिंग्यों के मामले में बीएसएफ के डीजी से बात की थी। इस दौरान उन्होंने साफ निर्देश देते हुए कहा कि घुसपैठ को लेकर किसी भी तरह की नरमी न बरती जाए और कोई भी रोहिंग्या भारत में एंट्री न करने पाए।
गृह मंत्रालय का आंकलन है कि इस वक्त देश में 10 लाख के करीब रोहिंग्या मुसलमान है। ऐसे में इनकी संख्या और न बढ़े इसके लिए बांग्लादेश और नेपाल सीमा पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक सीमा पर अभी भी काफी संख्या में रोहिंग्या घुसपैठ की फिराक में हैं।
रोहिंग्या को वापस भेजने में जुटी बीएसएफ
वहीं कुछ दिन पहले बीएसएफ के महानिदेशक केके शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए बताया था कि केंद्र सरकार के निर्देश पर अमल करते हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) रोहिंग्या समुदाय के लोगों को वापस भेजने में जुटी हुई है। बीएसएफ ने पिछले कुछ महीने में 87 रोहिंग्या को पकड़ा है, जिसमें से 76 को वापस भेजा जा चुका है।
साथ ही इनकी घुसपैठ रोकने के लिए गृह मंत्रालय ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर कम से कम पांच अतिरिक्त बीएसएफ बटालियन बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। बीएसएफ की नीति उनको पकड़कर वापस भेजने की है। उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता, क्योंकि अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो इसके बाद वे भारत सरकार की जिम्मेदारी बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल रोहिंग्या को वापस लेने से बचता है। मगर अच्छे संबंधों के चलते उनको वापस भेजने में सफलता पाई है।
Updated on:
2 Dec 2017, 4:09 PM IST
Published on:
2 Dec 2017, 4:08 PM IST
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