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मुंबई-पुणे के बीच दौड़ेगी हाइपरलूप ट्रेन, तीन घंटे का सफर 20 मिनट में होगा तय

इस संबंध में रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने अमरीका की मशहूर कंपनी वर्जिन ग्रुप के साथ एक करार साइन किया है।
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Hyperloop transport system

नई दिल्ली। मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के बाद अब सरकार ने महाराष्ट्र के लिए एक और भव्य प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। राज्य सरकार यहां हाइपरलूप ट्रेन चलने की तैयारी में है। इस संबंध में रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने अमरीका की मशहूर कंपनी वर्जिन ग्रुप के साथ एक करार साइन किया है।

सिर्फ बीस मिनट में मुंबई से पुणे तक का सफर

यह ट्रेन मुंबई से पुणे के बीच चलायी जाएगी। बताया जा रहा है इस ट्रेन से इन दो बड़े शहरों के बीच का सफर 20 मिनट में ही तय किया जा सकेगा। बता दें अभी मुंबई से पुणे जाने में करीबन तीन घंटे लगते हैं। हाइपरलूप ट्रेन के लिए रेलवे ट्रैक्स इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम वाले होंगे। इस ट्रेन की 1,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार होगी। फिलहाल इस परियोजना में लगने वाले पैसे या समयसीमा से संबंधित किसी भी जानकारी की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भी कनेक्टिविटी

देश में बनने वाला यह पहला हाइपरलूप मार्ग का रूट मध्य पुणे से वृहद् महानगर तक होगा और इसके साथ ही ये नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भी जुड़ेगा। बता दें इस हवाई अड्डे की आधारशिला रविवार शाम ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी। इस बारे में वर्जिन समूह के चेयरमैन ने मैग्नेटिक महाराष्ट्र निवेशक सम्मलेन के पहले दिन इस बारे में बताते हुए कहा, 'हमने महाराष्ट्र के साथ मुंबई और पुणे के बीच र्विजन हाइपरलूप के निर्माण के लिए करार किया है। इसकी शुरुआत क्षेत्र में परीक्षण के तौर पर ट्रैक बनाने के साथ होगी।'

महाराष्ट्र वैश्विक स्तर पर उदाहरण

उन्होंने आगे बताया कि इस रूट से हवाई अड्डे के गेट तक पहुंचने में आसानी होगी और इससे हर साल करीब 15 करोड़ लोगों को यात्रा कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट सिस्टम से पूरे परिवहन प्रणाली में क्रांति आएगी और इस क्षेत्र में महाराष्ट्र वैश्विक स्तर पर उदाहरण के रूप में जाना जाएगा। साथ ही उनका दावा है कि इसके चलते हजारों रोजगार के अवसर भी खुलेंगे। बताया जा रहा है कि इस परियोजना से करीब 55 अरब डॉलर का सामाजिक आर्थिक लाभ होगा। हालांकि करीब छह महीने तक इस परियोजना पर स्टडी करके इसे शुरू किया जाएगा।

कई देशों में इस तकनीक से जुड़े प्रयोग

आपको बता दें हाइपरलूप प्रणाली ट्रांसपोर्ट सिस्टमों में सबसे अपडेटेड तकनीकी है, जिसमें मैग्नेटिक पावर का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक के लिए कई देशों में प्रयोग किया जा रहा है। इस तकनीक में खंभों के ऊपर पारदर्शी ट्यूब लगाई जाती है। इस प्रणाली में फ्रिक्शन बहुत कम महसूस होता है।

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