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भारतीय वायुसेना की आसमान में बढ़ेगी ताकत, 144 फाइटर खरीदने की तैयारी कर रही सरकार

सरकार, इंडियन एयरफोर्स के लिए 114 और लड़ाकू विमान खरीदने की योजना पर काम कर रही है। यह डील 1.3 लाख करोड़ रुपए की होगी।
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Vivhav Shukla

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Updated: 31 Jan 2021, 7:03 PM IST

IAF will focus on Rs 1 3 lakh crore deal for 114 fighter jets

IAF will focus on Rs 1 3 lakh crore deal for 114 fighter jets

नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना लगातार अपनी ताकत में इजाफा कर रही है। इसी क्रम में राफेल फाइटेर जेट के बाद सरकार अब इंडियन एयरफोर्स के लिए 114 और लड़ाकू विमान खरीदने की योजना पर काम कर रही है।यह डील 1.3 लाख करोड़ रुपए की होगी। वायुसेना ने इसके संबंध में जानकारी के लिए रिक्वेस्ट फॉर इंफर्मेशन (RFI) भी जारी किया। जिसके बाद अमेरिकी, फ्रांस, रूस और स्वीडन समेत कई बड़े निर्माताओं ने इस पत्र का जवाब दिया है।

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ANI के मुताबिक, वायु सेना लंबे समय से इस लड़ाकू विमान परियोजना पर कार्य कर रही थी और अब 83 एलसीए तेजस मार्क 1 ए के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट कमेटी ने मंजूरी भी दे दी है। मिली जानकारी के मुताबिक यह डील 50 हजार करोड़ रुपये है। डील बेंगलुरु में आयोजित होने जा रहे एयरो इंडिया में साइन की जाएगी।

सूत्रों की माने तो 83 LCA तेजस, Mig-21 लड़ाकू विमानों के 4 स्क्वाड्रन की जगह लेंगे। सरकार के सूत्रों के मुताबिक वायुसेना भविष्य में मिग 21 को ऑपरेशन से बाहर करने के बारे में सोच रही है। यही वजह है कि अब 114 नए फाइटर जेट्स प्रोजेक्ट पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया कि नए फाइटर जेट्स प्रोजेक्ट में 4.5 से अधिक जेनरेशन के विमानों को खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। भारतीय वायुसेना के नए फाइटर जेट खरीदने के रिक्वेस्ट फॉर इंफॉर्मेशन (RFI) भी भेजा था। जिसका जवाब कई बड़े फाइटर जेट बनाने वाली कंपनियों ने भेजा है।

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बता दें कि इस डील में भारतीय वायु सेना एकल और डबल इंजन दोनों तरह के फाइटर जेट को टेस्ट करेगी। इसके साथ ही जो भी फाइटर जेट वायु सेना द्वारा चयनित किया जाता है, वह अगले चार दशकों (40 साल) तक भारत के हवाई ताकत का मुख्य आधार बना रहेगा।सबसे बड़ी बात ये सभी विमान मेड इन इंडिया होंगे।