ईरानी ने कहा कि इस संगठन ने आईआईटी मद्रास द्वारा
निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया है जिसके कारण उसके खिलाफ कार्रवाई की गई
है। छात्र संगठनों को यह समझना चाहिए कि अगर उन्होंने संस्थान द्वारा निर्धारित
प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया है तो डीन उनकी मान्यता खत्म कर सकता है। उन्होंने
साथ ही कहा कि आईआईटी मद्रास एक स्वायत्त संस्थान है और कार्रवाई करने के लिए
स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि छात्र संगठन के खिलाफ जो शिकायत प्राप्त हुई थी उसे
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने संस्थान के निदेशक को भेजा था।