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आईआईटी ने फ्लिपकार्ट को चेतावनी दी, 31 कंपनियां ब्लैकलिस्ट 

इन कंपनियों ने छात्रों को जॉब ऑफर किए लेकिन नौकरी नहीं दी। 

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rohit panwar

Aug 26, 2016

IIT madras

IIT madras

नई दिल्ली. आईआईटी ने 31 कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इन्होंने प्लेसमेंट में हिस्सा लेकर छात्रों को जॉब ऑफर किए थे लेकिन नौकरी नहीं दी थी। इस उदासीन रवैये को देखते हुए आईआईटी प्लेसमेंट कमेटी ने इन्हें प्रतिबंधित कर दिया। इनमें 28 स्टार्टअप हैं। फिल्पकार्ट को ऑफर टालने की वजह से ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है।

एक साल का बैन लगा

इन पर आजीवन बैन नहीं लगा है। कम से कम एक साल के लिए कैंपस प्लेसमेंट में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा। ऐसे में, ये सभी इस साल किसी भी आईआईटी संस्थान के कैंपस प्लेसमेंट में शामिल नहीं हो पाएंगी। आईआईटी गुवाहाटी के सेंटर फॉर करियर डेवलपमेंट ने बाकायदा इनकी सूची भी जारी की। फ्लिपकार्ट ने पहले ऑफर टाल दिया था। फिर उसमें संशोधन करके अस्थायी उपाय के तौर पर प्रभावित छात्रों को इंटर्नशिप का प्रस्ताव दिया। बहरहाल, प्रतिबंधित कंपनियों में जेटाटा, नाउफ्लोट्स, कंसल्टलेन, जिंपली, पेपरटैप, पॉर्टी मेडिकल, बाबाजॉब्स, हॉप्सकॉच, स्मार्टट्रैक सोलर सिस्टम्स, क्रेयॉन डेटा इंडिया, ग्लोहोम्स टेक्नॉलजीज, टेसरा सॉफ्टवेयर (रॉकऑन), ग्रोफर्स, टेनोवा इंडिया, वेरिटी नॉलेज सॉल्यूशंस, एक्सीलेंस टेक, स्टेजिला, रोडरनर, लेक्सिनोवा टेक्नॉलजीज, लगार्ड बर्नेट ग्रुप, जॉनसन इलेक्ट्रिक जापान, मेरा हुनर, फंडामेंटल एजुकेशन, कैशकेयर टेक्नॉलजीज, इंडसइनसाइट, क्लिकलैब्स, ग्रैबहाउस और मेड कंपनियां शामिल हैं। जॉनसन इलेक्ट्रिक और फंडामेंटल एजुकेशन को छोड़कर बाकी स्टार्टअप हैं।

पहली बार इतनी सारी कंपनियां बैल्कलिस्ट

ऑल आईआईटी प्लेसमेंट कमेटी के कन्वेनर कौस्तुभ मोहंती ने बताया कि ऐसे मामले पहले भी हुए हैं, जिनमें हमने एक-दो कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया है, लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है जब एक ही साल में इतनी कंपनियों को काली सूची में डाला गया है। कंपनियों के नाम सार्वजनिक करने का फैसला आम सहमति से लिया गया। हम गलती करने वालों को सख्त संदेश देना चाहते हैं।

120 छात्रों को नहीं दी नौकरी

कंपनियों के ऑफर वापस लेने या अपॉइंटमेंट में देरी करने से कैंपस के लगभग 120 छात्र प्रभावित हुए हैं। आईआईटी कानपुर में हुई एक बैठक में यह भी फैसला किया गया कि अगर ब्लैकलिस्टेड कंपनियां सालभर बाद कैंपस आना चाहेंगी तो उनको पहले लिखित में यह बताना होगा कि उन्होंने अपने ऑफर वापस क्यों लिए थे। उनको प्रेजेंटेशन देना होगा और मीटिंग में हर मेंबर के साथ बातचीत करनी होगी।


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