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भीम बेस-डोकला सड़क निर्माण से चीन की बढ़ी सिददर्दी, अब 40 मिनट में डोकलाम पहुंच जाएगी सेना

डोकलाम में भारत-चीन के बीच बदल जाएंगे समीकरण बीआरओ को 2015 में मिली थी निर्माण की मंजूरी 2017 में डोकलाम में 73 दिन तक रहा था तनाव

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नई दिल्‍ली। भारत-चीन सीमा पर वैकल्पिक भीम बेस-डोकला सड़क ( Bheem Base-Dokala Road ) बनकर तैयार हो गया है। युद्ध की स्‍थिति में भारतीय सेना के लिए यह सड़क लाभकारी साबित होगी। अब भारतीय सेना विवादित क्षेत्र डोकलाम तक 40 मिनट में पहुंच सकती है। बता दें कि इस सड़क का निर्माण सीमा सड़क संगठन ( BRO ) ने की है।

पहले डोकलाम तक लगते थे 7 घंटे

बीआरओ के एक अधिकारी के मुताबिक इस सड़क के निर्माण से भारतीय सेना का डोकलाम घाटी (Doklam Valley) तक पहुंचना पहले के मुकाबले कहीं ज्‍यादा आसान हो गया है। अब सेना 40 मिनट में डोकलाम तक पहुंच जाएगी। इतना ही नहीं यह सड़क भारत और चीन के बीच सैन्‍य समीकरणों को बदल सकता है।

इससे पहले भारतीय जवानों को डोकलाम पहुंचने के लिए पहाड़ी पगडंडी पर चढ़ाई करनी पड़ती थी। इसमें 7 घंटे लगते थे लेकिन सड़क बन जाने से भारतीय सेना महज 40 मिनट में डोकलाम सीमा पर पहुंच जाएगी।

बदलेगा समीकरण

बताया जा रहा है कि डोकलाम में सड़क का निर्माण दोनों देशों बीच सैन्‍य समीकरणों को बदल सकता है। बीआरओ को 2015 में ही इस सड़क के निर्माण की मंजूरी दे दी गई थी। डोकलाम विवाद के समय भारतीय जवानों को यहां तक पहुंचने में सात घंटे लग गए थे। इसके बाद सड़क निर्माण पर जोर दिया गया।

बीआरओ की ओर से कहा गया है कि डोकलाम बेस तक जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य समाप्‍त हो गया है। यह सड़क सिक्किम के करीब डोकलाम घाटी में प्रवेश करती है। यह सड़क हर मौसम के लिए मुफीद है। इस सड़क के जरिए कितने भी वजन ढोया जा सकता है।

बता दें कि 2017 में डोकलाम क्षेत्र में भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने आ गई थीं। इसके बाद 73 दिन तक दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल बन रहा। हालांकि आपसी बातचीत के बाद संकट टला और सेनाएं पीछे हट गई। डोकलाम में ही चीन (China) की चुंबी घाटी भी है। यहां पर भूटान (Bhutan) और भारत (India) की सीमाएं भी मिलती हैं।