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भारत-चीन के बीच सीमा विवाद पर शनिवार को 12वें दौर की बातचीत, हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा पर होगी चर्चा

भारत-चीन की सेनाओं के कोर कमांडर स्तर की 12वें दौर की वार्ता शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे वास्तविक नियंत्रण रेखा के चीनी हिस्से मोल्डो में होगी। उम्मीद की जा रही है कि दोनों देश के सैन्य अधिकारी हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा हाइट्स क्षेत्रों से डिस-एंगेजमेंट को लेकर चर्चा कर सकते हैं।

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India-China Expected To Discuss On Gogra, Hot Springs Disengagement Tomorrow

नई दिल्ली। लद्दाख में भारत-चीन के बीच जारी सीमा विवाद को कम करने को लेकर लागातर बातचीत की सिलसिला जारी है और अब कल (शनिवार, 31 जुलाई) दोनों देशों के बीच 12वें दौर की बातचीत होगी। बताया जा रहा है कि शनिवार को होने वाली बातचीत में हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा पर होगी चर्चा होगी।

इससे पहले 11 दौर की बातचीत के बाद पैंगोंग झील के किनारों समेत कई जगहों से डिस-एंगेजमेंट हुआ है। हालांकि, पिछले साल अप्रैल महीने से अब तक पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनावपूर्ण हालात बरकरार है। अभी भी ऐसे कई प्वाइंट्स बाकी हैं जहां पर दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने की स्थिति में हैं। लिहाजा, इसके समाधान के लिए शनिवार को दोनों देशों की सेनाओं के कोर कमांडर स्तर की बातचीत होगी।

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भारतीय सेना के सूत्रों के मुताबिक, कोर कमांडर स्तर की 12 वीं दौर की ये वार्ता शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे वास्तविक नियंत्रण रेखा के चीनी हिस्से मोल्डो में होगी। उम्मीद की जा रही है कि दोनों देश के सैन्य अधिकारी हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा हाइट्स क्षेत्रों से डिस-एंगेजमेंट को लेकर चर्चा कर सकते हैं।

भारत ने चीन को सुनाई थी खरी-खरी

बता दें कि पिछले दिनों एलएसी विवाद को खत्म करने के लिए चीन ने 26 जुलाई को बातचीत करने का सुझाव दिया था, जिसे भारत ने कारगिल विजय दिवस के चलते खारिज कर दिया था।

भारत कई बार ये स्पष्ट कर चुका है कि वह कंप्लीट डिसइंगेजमेंट के लिए तभी सहमत होगा जब एक साथ और एक समान वापसी पर सहमति बनेगी। इसके बाद पिछले महीने विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों देश एलएसी के साथ विवादित क्षेत्रों से पूरी तरह पीछे हटने को लेकर अगले दौर की वार्ता के लिए सहमत हुए हैं।

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वहीं, इसी महीने शंघाई शिखर सम्मेलन में भारत ने चीन को खरी-खरी सुनाते हुए कहा था कि दोनों देशों के बीच जारी सीमा विवाद का असर अब संबंधों पर पड़ने लगा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से बात करते हुए ये स्पष्ट किया था कि सीमा विवाद बढ़ने की वजह से दोनों देशों के रिश्तों में अब दूरियां बढ़ रही हैं। ऐसे में इसके समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।


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