
देश में उपलब्ध है सिर्फ इतना ही पानी, न करें बर्बाद नहीं तो जल्द होने वाली है आफत
नई दिल्ली। हर साल गर्मियों की दस्तक के साथ-साथ पानी की समस्या भी देश के कई हिस्सों में शुरू हो जाती है। इसके कई कारण हैं लेकिन सभी में से जिसे सबसे प्रमुख वजह माना जा सकता है वो ये है कि भारत में पूरे विश्व के पीने के पानी का सिर्फ 4 प्रतिशत हिस्सा ही उपलब्ध है। इसके अलावा विश्व बैंक ने भारत में पानी से संबंधित कुछ आंकड़े जारी किए हैं, जो स्थिति की गंभीरता को जाहिर करते हैं।
इन कारणों से बढ़ रही है जल समस्या
दुनिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश के साथ-साथ भारत एक ऐसा देश भी है, जहां तेजी से मध्य-वर्गीय परिवारों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में सिर्फ इतनी मात्रा में जल उपलब्ध होने काे कारण पानी की आपूर्ति कर पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। वहीं दूसरी ओर लोग, पहले से ही सीमित इन संसाधनों का निर्ममता से दोहन कर रहे हैं। पानी की बर्बादी के रेग्युलेशन की भारी कमी, निजीकरण, बर्बादी की अनदेखी और व्यापक सरकारी भ्रष्टाचार के चलते ये समस्या आने वाले दिनों में और गंभीर होना लगभग तय है।
देश के भीतर और बाहर पानी के चलते विवाद
पानी की समस्या से स्थिति ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है कि देश के भीतर नदियों के पानी के लिए आए दिन संघर्ष हो रहे हैं। जहां एक ओर दक्षिण में कावेरी नदी के पानी के लिए कर्नाटक और तमिलना़डु के बीच विवाद जारी है। वहीं उत्तरी भारत में दिल्ली-हरियाणा और पंजाब-हरियाणा के बीच पानी को लेकर तनाव चलता रहता है। वहीं वैश्विक स्तर पर भारत का पश्चिम और उत्तर में पाकिस्तान के साथ सिंधु और सतलुज के लिए संघर्ष जारी है तो वहीं पूर्व में चीन के साथ ब्रह्मपुत्र नदी को लेकर विवाद की स्थिति बनी रहती है।
विश्व बैंक की रिपोर्ट
विश्व बैंक की रिपोर्ट में कुछ अन्य चौंकाने वाले आकंड़े सामने आए हैं। जिससे ये साफ हो जाता है कि देशभर के लोगों को जल संरक्षण को लेकर कितनी सजगता और जागरूकता की जरूरत है। विश्व बैंक के अनुसार:-
- भारत के करीब 16.3 करोड़ लोग साफ और सुरक्षित पेयजल की पहुंच से दूर हैं।
- भारत के 21 करोड़ लोग बेहतर स्वच्छता की पहुंच से बाहर हैं।
- लोगों में होने वाली 21 प्रतिशत संचारी बिमारियां असुरक्षित जल से फैलती हैं।
- हर दिन भारत में पांच साल से कम आयु के करीब 500 बच्चों की मौत डायरिया से होती है।
Updated on:
05 Jun 2018 01:02 pm
Published on:
05 Jun 2018 11:55 am
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