
India states where rivers are flowing above the danger mark due to heavy rain
नई दिल्ली। देश के कुछ हिस्सों में जारी भारी बारिश और नदियों के जल स्तर में बढ़ोतरी के बीच केंद्रीय जल आयोग ने सोमवार को कई राज्यों में बाढ़ आने की एडवायजरी जारी की है। वहीं, आयोग ने उत्तर भारत के कुछ पहाड़ी जिलों के लिए अचानक बाढ़ आने (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन की चेतावनी भी दी है।
हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के लिए जारी एडवायजरी में कहा गया है कि भारी से बहुत भारी बारिश के चलते गंगा, सतलज, रावी, ब्यास, घग्गर, यमुना, भागिरथी, अलकनंदा, रामगंगा, सारदा, सरयू और घाघरा नदियों के जल स्तर में बढ़ोतरी होने की काफी संभावना है।
एडवायजरी के मुताबिक, "बादल फटने के कारण इन राज्यों में कुछ पहाड़ी जिलों में अचानक बाढ़ आने की संभावना है। इन राज्यों में ऊंचाई के इलाकों में संभावित भूस्खलन और इसके चलते नदी के बहाव में रुकावटों के लिए आवश्यक सावधानी बरती जानी चाहिए।"
ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लिए जारी एडवायजरी में कहा गया है कि अगले 24 घंटों के दौरान तेलंगाना, विदर्भ (महाराष्ट्र) और छत्तीसगढ़ में भारी से भारी बारिश की संभावना है। वर्तमान में जारी भारी बारिश के कारण, गोदावरी नदी भी छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना में लबालब बह हो रही है। आंध्र प्रदेश में गोदावरी पर पोलावरम परियोजना को सोमवार रात तक लगभग 40,000 क्यूमेक (क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड) और लक्ष्मी बैराज ते लगभग 20,000 क्यूमेक तक पहुंचने की संभावना है और बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए इसके और बढ़ने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर जिलों में इंद्रावती नदी के स्तर में बढ़ोतरी की संभावना है। जबकि सबरी नदी के जल स्तर की ओडिशा के कोरापुट, मलकानगिरी जिलों, छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले और आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में तेजी से बढ़ने की संभावना है।
महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा के लिए जारी एडवायजरी में कहा गया है कि माही, नर्मदा, तापी और दमनगंगा की घाटियों में जल स्तर में वृद्धि की संभावना है। नर्मदा, तापी, दमनगंगा नदियों का जल स्तर अगले 4-5 दिनों में होने वाली बारिश के कारण तेजी से बढ़ने की संभावना है।
वलसाड जिले के मधुबन बांध में भारी पानी आने की संभावना है। वर्तमान में बांध में कुल क्षमता का 67.09 प्रतिशत पानी मौजूद है। सीडब्ल्यूसी ने कहा कि कड़ी निगरानी किए जाने की जरूरत है और अगर पानी को छोड़ने की जरूरत हो तो तो उसे पूरी देखभाल के साथ केंद्र शासित प्रदेश दमन सहित सभी निचले जिलों को सूचित करने के बाद ही करना चाहिए।
इस क्षेत्र के अन्य बाँध जैसे कि माही नदी पर कदाना बाँध, पानम नदी पर पानम बाँध, नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बाँध, तापी नदी पर उकाई बाँध से भी तेजी से बहाव बढ़ने की आशंका है। महाराष्ट्र के जलगाँव जिले के हतनूर बांध में सोमवार रात तक लगभग 1,505 क्यूमेक पानी पहुंचने की संभावना है और उकाई डैम को भी मंगलवार सुबह तक लगभग 3,703 क्यूसेक प्राप्त होने की संभावना है।
एडवायजरी में कहा गया है कि इननके कैचमेंट में अत्यधिक भारी बारिश के पूर्वानुमान के कारण, प्रवाह में अचानक वृद्धि की संभावना है, जिसे सभी डाउनस्ट्रीम जिलों को अग्रिम में अच्छी तरह से सूचित करने के बाद बेहतर ढंग से नियंत्रित करने और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के बाद अच्छी तरह से विनियमित किया जा सकता है।"
चूंकि उच्च तीव्रता की बारिश कम से कम 1-2 दिनों तक जारी रहने की संभावना है इसलिए महाराष्ट्र और गोवा में तापी और तादड़ी के बीच बहने वाली नदियों के स्तर में बढ़ोतरी की संभावना है। एडवायजरी में कहा गया है कि इन क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली सड़कों और रेल पुलों पर आवश्यक सावधानी बरती जानी चाहिए क्योंकि वे जलमग्न हो जाते हैं। किसी भी घटना से बचने के लिए सड़क और रेल यातायात को नियंत्रित करने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।
पूर्वी राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश में अगले 3-4 दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है और चंबल, माही, साबरमती, कालीसिंध, बनास जैसी नदियों के जल स्तर में वृद्धि होने की संभावना इन नदियों के अधिकांश बांधों में 35 से 70 प्रतिशत के बीच भंडारण हो रहा है, स्थिति की बारीकी से निगरानी के लिए देखभाल की जानी चाहिए।
राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए सलाह में कहा गया कि पंचन बांध और परवन पिकअप वियर में पानी आना बढ़ने लगा है और इसने अपनी सीमा पार कर ली है। तमिलनाडु और कर्नाटक के लिए एडवायजरी में कहा गया है कि दक्षिणी राज्यों में बारिश के पिछले दौर से लगातार हो रही बाढ़ के कारण कावेरी बेसिन के अधिकांश बांध 90-97 फीसदी भंडारण के करीब पहुंच गए हैं।
सभी जलाशयों की हर वक्त निगरानी की जानी चाहिए और सभी निचले राज्यों को वक्त रहते सूचना देनी चाहिए। कृष्णा बेसिन के ज्यादातर बांधों में 86 से 97 फीसदी के बीच पानी मौजूद है।
कृष्णा नदी के ऊपर के क्षेत्रों से पानी के प्रवाह के कारण अल्माटी और नारायणपुर बाँधों में भारी पानी आ रहा है और चूंकि ये बाँध लगभग 90 से 92 प्रतिशत क्षमता से भरे हुए हैं, ये अतिरिक्त पानी छोड़ रहे हैं। बिहार के लिए जारी एडवायजरी में कहा गया है कि प्रदेश में कई नदियों के सामान्य जल स्तर से ऊपर बहने के कारण बाढ़ की स्थिति में गंभीर बनी हुई है। यह स्थिति अगले तीन-चार दिनों तक जारी रहेगी।
Updated on:
20 Aug 2020 12:25 pm
Published on:
19 Aug 2020 08:40 pm
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