
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली। पाकिस्तान पर हिंदुस्तानी सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक को आज तीन साल पूरे हो गए हैं। शनिवार शाम अमरीका की सात दिवसीय यात्रा के बाद देश लौटे पीएम मोदी ने भी सर्जिकल स्ट्राइक की रात को याद करते हुए कहा था कि वह पूरी रात सो नहीं सके थे। ऐसे में इस साल इस संबंध में हुए एक बड़े खुलासे को जानना बहुत जरूरी है।
इस वर्ष की शुरुआत में भारतीय सेना का एक ताजा खुलासा देश की सियासत में खलबली मचा सकता है। सूचना का अधिकार (RTI) के अंतर्गत मांगी गई जानकारी में भारतीय सेना ने कहा है कि यूपीए कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान पर कितनी सर्जिकल स्ट्राइक की गईं, इसका कोई आंकड़ा मौजूद नहीं है।
जम्मू के एक शख्स रोहित चौधरी द्वारा दायर की गई आरटीआई के जवाब में भारतीय सेना के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने लिखा, "इस सेक्शन के पास 29 सितंबर 2016 से पहले किए गए किसी भी सर्जिकल स्ट्राइक के आंकड़े मौजूद नहीं हैं।"
रोहित ने अपने RTI आवेदन में यह जानकारी मांगी थी कि वर्ष 2004 से लेकर 2014 तक और सितंबर 2014 के बाद से अब तक पाकिस्तान पर कितनी सर्जिकल स्ट्राइक की गईं।
इस आरटीआई के जवाब में भारतीय सेेना के मुख्य जन सूचना अधिकारी लेेफ्टिनेंट कर्नल एडीएस जसरोतिया ने पिछले साल अप्रैल में कहा था, "भारतीय सेना ने 29 सितंबर 2016 को नियंत्रण रेखा के पास सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इस सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान किसी भी भारतीय सैनिक की जान नहीं गई।"
भारतीय सेना का आरटीआई के जवाब में यह जानकारी देना मौजूदा सियासी माहौल में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले सप्ताह ही यूपीए सरकार में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा था कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान में कई सर्जिकल स्ट्राइक्स की थीं।
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था, "हमारे कार्यकाल के दौरान भी कई सर्जिकल स्ट्राइक्स की गई थीं। हमारे लिए सैन्य कार्रवाई सामरिक रोक-थाम और भारत-विरोधी ताकतों को करारा जवाब देने के लिए थी, न कि वोट बंटोरने के लिए इन्हें इस्तेमाल किए जाने की।"
हालांकि भाजपा ने मनमोहन सिंह के इन दावों पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस की झूठ बोलने की ही आदत है का आरोप लगाते हुए केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने पूछा था, "क्या आप मुझे बताएंगे कि भारतीय सेना का मुखिया होनेे के मेरे कार्यकाल के दौरान आप किन 'तथाकथित सर्जिकल स्ट्राइक' के बारे में बता रहे हैं। मुझे भरोसा है कि आपने एक नई कहानी गढ़ने के लिए किसी को भाड़े पर रखा होगा।"
गौरतलब है कि 2016 में नियंत्रण रेखा के नजदीक भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। यह सर्जिकल स्ट्राइक इससे 11 दिन पहले उरी आतंकी हमले में शहीद 19 सैनिकों की मौत का बदला थी। इस दौरान आतंकियों के लॉन्च पैड नष्ट करने के साथ ही भारी तादाद में आतंकी ढेर कर दिए थे। जहां पाकिस्तान ने इससे इनकार किया था, कांग्रेस ने भाजपा पर भारतीय सेना के राजनीतिकरण का आरोप लगाया था।
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Updated on:
29 Sept 2019 04:22 pm
Published on:
07 May 2019 08:16 pm
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