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अगले महीने बाजार में होगा मैगी का विकल्प : रामेदव

पतंजलि में ब्रांडेड उत्पादों के विकल्प पर हो रही शोध, विवाद से पहले ही शुरू हो चुका था काम

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Yuvraj Singh Jadon

Jun 15, 2015

Indian maggi

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चंडीगढ़। भारत के हर घर से विदेशी चीजों को बाहर करके स्वदेशी चीजों को स्थापित करने की कवायद में लगी योग गुरू रामदेव द्वारा संचालित पंतजलि योगपीठ द्वारा भारतीय मार्केट में चल रहे ब्रांडेड खाद्य पदार्थों के विकल्प पर शोध की जा रही है। योजना का खुलासा खुद स्वामी रामदेव ने किया।

दो दिवसीय हरियाणा दौरे के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में रामदेव ने कहा कि इस समय मार्केट में चल रहे विदेशी कंपनियों के ब्रांडेड उत्पाद स्वास्थ्य के लिए घातक हैं। इनका सबसे अधिक विपरीत असर बच्चों पर पड़ता है। जिसके चलते पतंजलि योगपीठ ने ऐसे उत्पाद मार्केट में उतारने का फैसला किया है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक न हों। पतंजलि द्वारा किसी भी उत्पाद को मार्केट में उतारे जाने से पहले बकायदा शोध की जाती है।

रामेदव ने बताया कि पतंजलि द्वारा मैगी का विकल्प तैयार कर लिया गया है। इसपर 70 फीसदी शोध कार्य पूरा हो चुका है। पतंजलि द्वारा जो मैगी मार्केट में उतारी जाएगी वह पूरी तरह से स्वास्थ्यवर्धक होगी। उसमें ऐसे किसी भी तत्व का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा जो बच्चों के लिए हानिकारक हो। मैगी को लेकर उठे विवाद से पहले ही पतंजलि में इस पर शोध चल रही थी। मैगी का नाम अभी तय नहीं है।

उन्होंने कहा कि मैगी ही नहीं पतंजलि द्वारा पूरी तरह स्वदेशी तरीके से बोर्नवीटा के मुकाबले में पावर वीटा निकाला गया है। इसी तरह बच्चों द्वारा खाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के खाद्य उत्पादों के मुकाबले पतंजलि द्वारा स्वदेशी खाद्य पदार्थ मार्केट में उतारे जाएंगे। रामदेव ने बताया कि पतंजलि योगपीठ द्वारा कुछ समय पहले बगैर किसी प्रचार के मार्केट में उतारे गए दंतक्रांति ने अन्य सभी मंजनों को पछाड़ दिया है। इसी तरह बच्चों के लिए नूड्ल्स समेत ऐसे सभी स्वदेशी उत्पाद मार्केट में लाए जाने की योजना पर काम चल रहा है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक न हों। उन्होंने स्वीकार किया कि पतंजलि के कई उत्पाद बाजार में प्रचलित उत्पादों के मुकाबले महंगे हैं। यह उत्पाद पूर्ण रूप से स्वदेशी होने के कारण ही महंगे हैं।

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