यात्री टिकट को लेकर Indian Railway का बड़ा फैसला, जानें IRCTC की नई पहल से क्या होगा फायदा

  • Coronavirus संकट के बीच Ticket को लेकर Indian Railway कर रहा बड़ी तैयारी
  • NCR की QR Code प्रणाली अब भारतीय रेल में लागू करने में जुटी रेलवे
  • IRCTC की नई टिकटिंग प्रणाली से यात्रियों को मिलेंगी और सुविधाएं

नई दिल्ली। कोरोना संकट ( Coronavirus ) के बीच भारतीय रेलवे ( Indian Railway ) लगातार यात्रियों ( Train Passenger )की सुविधाओं और सेवाओं में बढ़ोतरी के लिए काम कर रहा है। ट्रेनों का निजीकरण हो या फिर उनकी समय को लेकर पाबंदी हर क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है। IRCTC ने भी टिकटिंग की नई प्रणाली के जरिए यात्रियों को सरल और सुविधा देने की कोशिश की है। इसी कड़ी में अब रेलवे ट्रेन टिकटों को लेकर भी बड़ी तैयारी में जुटा है।

दरअसल ये कदम भी कोरोना वायरस जैसी महामारी को देखते हुए उठाया गया है। इसके तहत उत्तर-मध्य रेलवे की नई क्यूआर कोड आधारित संपर्क रहित टिकट जांच प्रणाली पूरे भारतीय रेलवे में लागू करने की तैयारी है।

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सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स ( CRIS ) ने सभी क्षेत्रीय रेलों पर एक साफ्टवेयर एप्लीकेशन लांच किया है जो यात्री के आरक्षित टिकट विवरण को अनूठे क्यूआर कोड ( QR Code ) के रूप में प्रदर्शित करेगा।

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव के मुताबिक आरक्षण की पीआरएस प्रणाली में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस के आधार पर टिकट आरक्षण व्यवस्था होगी। इससे लोगों को ज्यादा से ज्यादा कन्फर्म टिकट ( Confirm Ticket ) मिल सकेंगे। आरक्षण की संभावना आदि के बारे में भी पता लग सकेगा।

रेलवे बोर्ड ने इस संपर्क रहित टिकट जांच प्रणाली के स्कैनिंग को जल्द से जल्द लागू करने की तैयारी की है। इसके तहत सभी क्षेत्रिय रेलों को टिकट जांच कर्मचारियों को प्रशिक्षित और जागरूक करने के निर्देश दिये हैं।

दरअसल वर्तमान में क्यूआर कोड निकालने की व्यवस्था पूरे भारतीय रेल में की जा चुकी है और क्यूआर कोड की स्कैनिंग की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से हो रही है। इस व्यवस्था में कहीं से भी आरक्षित टिकट बुकिंग करने पर यात्री की ओर से उपलब्ध कराए गये मोबाइल नंबर पर क्यूआर कोड का यूआरएल ( URL ) वाला एक एसएमएस ( SMS ) आएगा।

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स्टेशन पर प्रवेश या टिकट की जांच के दौरान यात्री अपने एसएमएस में उपलब्ध क्यूआर कोड यूआरएल पर क्लिक करेगा और आरक्षित टिकट का क्यूआर कोड यात्री के मोबाइल ब्राउजर पर प्रदर्शित होने लगेगा जिसे क्रिस की ओर से विकसित एप्लिकेशन युक्त हैंड हेल्ड टर्मिनल का इस्तेमाल क्यूआर कोड स्कैनिंग के लिए किया जा सकता है।

क्यूआर कोड की स्कैनिंग करते ही यात्री की उपस्थिति सम्बंधी सभी विवरण स्वतः ही एप्लिकेशन में अपडेट हो जायेंगे।

ऐप स्टोर से डाउनलोड करें कोई भी क्यूआर कोड ऐप
गूगल प्ले स्टोर या आईओएस ऐप स्टोर आदि में उपलब्ध कोई भी क्यूआर कोड स्कैनिंग ऐप का उपयोग इस उद्देश्य से किया जा सकता है।

IRCTC नई टिकटिंग प्रणाली से होगा फायदा
इसी तरह आईआरसीटीसी के जरिए बन रहे ऑनलाइन टिकटिंग को भी और ज्यादा सरल बनाने की तैयारी की जा रही है। इसमें संबंधित स्टेशन का नाम डालते ही सभी गाडिय़ां और किस ट्रेन में सीट उपलब्ध है, उसका पूरा ब्योरा सामने आ जाएगा।

नए सिस्टम के तहत इसमें टीटीई यात्री के टिकट को हाथ में लेकर चेक करने की बजाय अपने मोबाइल फोन अथवा हैंडहेल्ड मशीन से स्कैन करके क्यूआर कोड के जरिए यात्री का पूरा ब्योरा चेक कर सकेगा।
रेलवे अब तक नौ क्षेत्रीय भाषाओं में टिकट जारी करना शुरू कर चुकी है। जल्द ही अन्य सभी भाषाओं में भी यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।

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धीरज शर्मा
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