JK के डीजीपी दिलबाग सिंह बोले- अब हम एनकाउंटर के वक्त भी सरेंडर का मौका देते हैं

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने शुक्रवार को बताया कि भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हम मुठभेड़ के दौरान भी सरेंडर करने का मौका देते हैं।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर ( Jammu-Kashmir ) में जारी आतंकवादी गतिविधियों के बीच डीजीपी दिलबाग सिंह ( DGP Dilbagh Singh ) ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि हमारा फर्ज है कि घाटी के नौजवानों को गलत रास्ते पर जाने से रोकें। इसमें हमें कामयाबी मिल रही है। जम्मू-कश्मीर के काफी बच्चे इस बात को समझ भी रहे हैं।

डीजीपी ने बताया कि घाटी के युवाओं को आतंकियों के ट्रैप में फंसने के बाद अहसास होता है कि वे गलत रास्ते पर चले गए थे। इस बात को ध्यान में रखते हुए अब हम मुठभेड़ के दौरान भी लोगों को सरेंडर करने का मौका देते हैं।

सक्रिय आतंकी बिहार से खरीद रहे हैं हथियार

इससे पहले 15 फरवरी 2021 को डीजीपी दिलबाग सिंह ने स्वयंभू प्रमुख कमांडर हिदायतुल्ला मलिक और जहूर अहमद की गिरफ्तारी के बाद बताया था कि कश्मीर में सक्रिय आतंकी बिहार से हथियार खरीद रहे हैं। इसके लिए वे पंजाब में पढ़ने वाले कुछ कश्मीरी छात्रों का इस्तेमाल करते हैं। ताकि गैर कानूनी तरीके से हथियारों को घाटी तक लाया जा सके।

बता दें कि हिदायतुल्ला मलिक को अनंतनाग पुलिस ने जम्मू के कुंजवानी से और राथर को 13 फरवरी को सांबा जिले के बारी ब्राह्मना इलाके से गिरफ्तार किया था। पुलिस प्रमुख ने बताया कि ये दोनों संगठन पाक स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठनों में शामिल हैं।

Dhirendra
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