
पुलवामा अटैक: धमाके बाद हिल गई थी धरती, दूर जा गिरे थे घरों में बैठे लोग
नई दिल्ली। जम्मू एवं कश्मीर में गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में जख्मी दो और जवानों ने दम तोड़ दिया है। जिसके साथ ही हमले में शहीद होने वाले जवानों की संख्या बढ़कर 45 हो गई है। इसके अलावा, जम्मू एवं कश्मीर में हुए अब तक के सबसे भयावह आतंकवादी हमले में 38 अन्य घायल भी हुए हैं। हमला इतना भयानक था कि विस्फोट के बाद वाहनों के कलपुर्जे पास के गांव में जाकर गिरे। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लेथपोरा में जहां यह आतंकी हमला हुआ वहां के लोग अभी सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने जब हमले की भयावहता के बारे में बताया सुनकर होश उड़ गए।
लेथपोरा के स्थानीय नागरिक के अनुसार हमले के समय वो लोग अपने घरों में बैठे हुए थे। तभी अचानक तेज आवाज के साथ धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि एक बार को धरती हिल गई और भूकंप जैसे हालात पैदा हो गए। नागरिक ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि वो जहां बैठे हुए थे, वहां से उछलकर दूर जा गिरे। अधिकारियों के अनुसार पुलवामा जिले में श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर यह हमला गुरुवार अपराह्न 3.15 बजे हुआ। जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी एसयूवी सीआरपीएफ की बस से टकरा दी थी और जिससे विस्फोट हो गया।
जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ की जिस गाड़ी को निशाना बनाया था, वह बस घटना के इतनी क्षतिग्रस्त हो गई कि उसकी हालत देखकर उसके बस होने का अंदाजा लगाना मुश्किल था। जबकि हमले में शहीद हुए जवानों के शरीर के हिस्से घटनास्थल पर इधर-उधर फैले हुए थे। यहां तक कि हमले के बाद शहीद जवानों का सामान आसपास पेड़ों से उतारा गया।
Updated on:
15 Feb 2019 12:21 pm
Published on:
15 Feb 2019 12:07 pm
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