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जम्‍मू-कश्मीर: सुप्रीम कोर्ट ने धारा-144 हटाने से किया इनकार, कहा- मामला संवेदनशील

जम्‍मू-कश्‍मीर में स्थिति सामान्‍य नहीं इस मसले पर सरकार को वक्‍त देना होगा सभी लोग सरकार पर भरोसा रखें    

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नई दिल्‍ली। कांग्रेस कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला की ओर से दायर याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद जम्मू-कश्मीर में लागू धारा 144 हटाने इनकार कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला संवेदनशील है। इसमें सरकार को वक्त मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मसले पर दो हफ्ते बाद सुनवाई करेंगे।

हर रोज होती है स्थिति की समीक्षा

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से पूछा कि ये कब तक चलेगा? इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि जैसी ही स्थिति सामान्य होगी, व्यवस्था भी सामान्य हो जाएगी।

हम कोशिश कर रहे हैं कि लोगों को कम से कम असुविधा हो। 1999 से हिंसा के कारण 44000 लोग मारे गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या आप स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं ? इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि हम रोज समीक्षा कर रहे हैं। सुधार आ रहा है। उम्मीद है कि कुछ दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि आपने बेहद गलत ढंग से याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी को नहीं पता कि कश्मीर क्या हो रहा है। सरकार पर विश्वास करना होगा। यह मामला बेहद संवेदनशील है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे पास वास्तविक तस्वीर होनी चाहिए। कुछ समय के लिए यह मामला रुकना नहीं चाहिए।

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मूलभूत सुविधाओं को बहाल करे सरकार

याचिकाकर्ता तहसीन पूनावाला के वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं को बहाल किया जाना चाहिए। कम से कम अस्पतालों में संचार सेवा को बहाल किया जाना चाहिए।

इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि स्थिति संवेदनशील है। हम मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने पर काम कर रहे हैं।

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