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कांची मठ के प्रमुख शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती हुए ब्रह्मलीन, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

82 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। सांस लेने में तकलीफ की थी शिकायत

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modi tribute jayendra saraswathi

modi tribute Shankracharya

कांचीपुरम: कांची पीठ के महंत शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती बुधवार को ब्रह्मलीन हो गए। 82 साल की उम्र में जयेंद्र सरस्वती ने अंतिम सांस ली। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। हाल ही में उन्हें सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद कांचीपुरम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आपको बता दें कि जयेंद्र सरस्वती को साल 1994 में कांची मठ का प्रमुख बनाया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लिखा कि शंकराचार्य हमेशा हमारे दिल में जिंदा रहेगें, उन्होंने समाज के लिए काफी काम किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान शंकराचार्य के साथ अपनी पुरानी तस्वीरें भी साझा कीं।

1954 में मिली थी शंकराचार्य की उपाधि
वह कामाकोटि पीठ में हिंदुओं के 69 वें शंकराचार्य थे। जयेंद्र सरस्वती जी ने साल 1954 में शंकराचार्य की उपाधि हासिल की थी। वो इस मठ के द्वारा कई स्कूल, अस्पतालों का संचालन करते थे। खबरों के मुताबिक जनवरी माह में उन्हें सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले वर्ष शंकराचार्य नवंबर महीने में दिल्ली आए थे।

BJP नेता राम माधव ने दी श्रद्धांजलि
उनके चले जाने से न सिर्फ सनातन धर्म के लोग आहत हुए हैं, बल्कि नेताओं को भी गहरा दुख पहुंचा है। बीजेपी के नेता राम माधव ने ट्वीट कर अपना दुख प्रकट किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि वह सुधारवादी संत थे, उन्होंने समाज के लिए काफी काम किए। 22 मार्च, 1954 को श्री चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती स्वामिगल का उत्तराधिकारी घोषित कर श्री जयेंद्र सरस्वती की उपाधि दी गई थी।

सुरेश प्रभु और ममता बनर्जी ने किया दुख प्रकट किया
राम माधव के अलावा केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने भी शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के ब्रह्मलीन हो जाने पर दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा है कि जयेंद्र सरस्वती जी का निधन उनके लिए काफी सदमे से भरा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी शंकराचार्य श्री जयेंद्र सरस्वती जी के निधन पर दुख व्यक्त किया है।

विवादों में भी रहे हैं शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती
आपको बता दें कि जयेंद्र सरस्वती जी का नाम विवादों में भी रहा है। साल 2014 में हुई कांचीपुरम मंदिर के मैनेजर की हत्या के मामले में जयेन्द्र सरस्वती का नाम आया था, लेकिन 2013 में उन्हें बरी कर दिया गया था। इस मामले में 2004 में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था, उन्हें करीब 2 महीने न्यायिक हिरासत में रखा गया था।