मुजफ्फरनगर। देश की सेवा करना बहुत से देशवासियों में होता है। कुछ बचपन में ही देशसेवा का सपना संजो लेते हैं। एक ऐसा ही सपना देखा था लेफ्टिनेंट हितेश कुमार ने। हितेश कुमार की कहानी काफी प्ररेणादायक है। दरअसल हितेश ने महज छह साल की उम्र में सेना में जाने का निर्णय किया था। हितेश जब छह साल के थे तो उनके पिता लांस नायक बच्चन सिंह 1999 में कारगिल की जंग में शहीद हो गए थे। राजपूताना राइफल्स की दूसरी बटालियन में तैनात थे बच्चन सिंह। हितेश को जिस वक्त पिता के शहीद होने की खबर मिली उन्होंने तभी सोच लिया था कि वह बड़े होकर सेना में शामिल होंगे। हाल ही में वह देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में सफल होने के बाद लेफ्टिनेंट बन गए हैं। इतना ही नहीं वह अपने पिता की बटालियन का हिस्सा बने हैं। परेड के बाद हितेश ने मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन्स क्षेत्र में अपने पिता के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी।