
डॉक्टरों ने जान को जोखिम में डालकर काम किया।
नई दिल्ली। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को बेंगलुरु के राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के 23वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने मेधावी छात्रों को डिग्रियां प्रदान की। इस मौके पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा भी मौजूद रहे।
जान को जोखिम में डालकर काम किया
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि हमें अपने डॉक्टरों और चिकित्सा सहायकों पर गर्व है। कोरोना योद्धाओं ने अपना जीवन जोखिम में डालकर कोरोना वायरस संक्रमण जैसी कठिन चुनौतियों का सामना किया। मुझे यह जानकर खुशी हुई है कि राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने डॉक्टरों, नर्सों और प्रशासकों सहित 2 लाख स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित किया है।
बता दें कि लगभग एक साल से कोरोना का कहर देश और दुनिया में जारी है। भारत में कोरोना वायरस से एक करोड़ आठ लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में भी कोरोना के 12,059 मामले सामने आए हैं।
Updated on:
07 Feb 2021 11:32 am
Published on:
07 Feb 2021 11:19 am
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