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कर्नाटक रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने वैक्सीन चुनने की छूट मांगी, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा-चयन का कोई अधिकार नहीं

Highlights रेजिडेंट डॉक्टरों ने चिंता व्यक्त की है कि उन्हे कोवैक्सीन दी जा रही है। कोवैक्सीन को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं कि ये अभी अंडर ट्रायल है।

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k sudhakar

चिकित्सा शिक्षा मंत्री के सुधाकर

नई दिल्ली। कर्नाटक एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स ने राज्य सरकार से स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन चुनने का विकल्प देने की मांग की है। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री के सुधाकर को लिखे पत्र में उन्होंने अपील की है कि राज्य के कई जिलों में रेजिडेंट डॉक्टर को लगता है कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। अभी कोवैक्सीन को केवल चिक्मंगलुरु हासन बल्लारी शिवमोगा चामराजनगर और दावणगेरे जिला अस्पतालों में मुहैया कराया जा रहा है।

पत्र में कहा गया है कि रेजिडेंट डॉक्टरों ने चिंता व्यक्त की है कि उन्हे कोवैक्सीन दी जा रही है, जबकि कर्नाटक के अन्य केंद्रों में कोविशील्ड भी दी जा रही है। कोवैक्सीन को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं कि ये अभी अंडर ट्रायल है। कोवैक्सीन की क्लीनिकल एफिशिएंसी अभी स्थापित किया जाना बाकि है।

वहीं इस मामले में कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ के सुधाकर का कहना है कि सबसे पहले टीका लेना अनिवार्य नहीं है। वैक्सीन का चयन करने में कोई विकल्प नहीं दिया गया है क्योंकि ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने कोविशिल्ड और कोवाक्सिन दोनों को मंजूरी दे दी है। मैं सभी डॉक्टरों नागरिकों से विनम्रतापूर्वक कोवाक्सिन को स्वीकार करने की अपील करता हूं।

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