
नई दिल्ली. देश के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने आईएनएक्स रिश्वत मामले में राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख किया है। सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर कर कार्ति के वकील ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से जारी समन को खाजिर करने की मांग की है। कार्ति के वकील ने याचिका के माध्यम से उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से आधारहीन बताया है। साथ ही जांच एजेंसियों पर परेशान करने व छवि खराब करने का भी आरोप लगाया है।
बड़े नेताओं के खाते में ट्रांसफर किए 1.8 करोड़
आपको बता दें कि आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई ने रविवार को मुम्बई के बायकुला जेल में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम और इंद्राणी मुखर्जी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। सीबीआई की पूछताछ चार घंटे तक चली। इस दौरान इंद्राणी ने कार्ति पर घूस मांगने के आरोपों को दुहराया। इसके जवाब में कार्ति ने सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित करार दिया। लेकिन कार्ति चिदंबरम की संलिप्तता के मामले में ईडी को एक बड़ा सबूत हाथ लगा है। जांच एजेंसी का दावा है कि उन्हें कार्ति द्वारा बड़े नेताओं के खाते में 1.8 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने के बारे में जानकारी मिली है। कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने चेन्नई के रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड के अपने खाते से पैसे ट्रांसफर किए थे।
इंद्राणी ने शांति से दिए सवालों के जवाब
इंद्राणी ने सीबीआई की तरफ से पूछे गए सभी सवालों का जवाब शांति से दिया। वह अपने बयान पर कायम रही। उन्होंने कहा कि कार्ति ने उनसे घूस की मांग की थी और उन्हें घूस दी गई। उन्होंने कोर्ट में भी यही बयान देने की बात दोहराई। आमने सामने की पूछताछ के बाद सीबीआई की टीम कार्ति को दिल्ली ले आई। दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर निकलते हुए कार्ति ने कहा कि उनके खिलाफ लगे सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं।
बंद दरवाजे के अंदर हुई बातचीत
सीबीआई ने मुम्बई के बायकुला जेल में बंद दरवाजे के अंदर आमने-सामने पूछताछ की। इससे पहले जेल के अंदर जाते समय कार्ति ने बाहर खड़े मीडियाकर्मियों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। जेल से बाहर आते समय भी उन्होंने ऐसा ही किया। इसके बाद सीबीआई अधिकारियों ने कार्ति को कार के फुटबोर्ड से उतरने को कहा। अधिकारियों के अनुसार जब दोनों से पूछताछ की गई तब जेल के गेट बंद कर दिए गए थे। बाहर से किसी भी व्यक्ति को अंदर नहीं जाने दिया गया।
इकबालिया बयान पर हुई गिरफ्तारी
अदालत के आदेश पर कार्ति पांच मार्च तक सीबीआई हिरासत में रहेंगेा सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर कार्ति को 28 फरवरी को ब्रिटेन से लौटने पर चेन्नई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया था। आरोप है कि 2007 में विदेश से 305 करोड़ रुपए पाने के लिए कार्ति ने आईएनएक्स मीडिया के मालिकों की मदद की। 2007 में कार्ति के पिता वित्त मंत्री थे। आईएनएक्स मीडिया की मालिक इंद्राणी मुखर्जी ने 17 फरवरी को इस मामले में इकबालिया बयान दिया था। उसी आधार पर कार्ति की गिरफ्तारी हुई। सीबीआई ने आरोप लगाया कि कार्ति ने टैक्स चोरी की जांच रुकवाने के लिए भी आईएनएक्स मीडिया से रिश्वत ली थी। तब इस कंपनी के मालिक पूर्व मीडिया दिग्गज पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी थे।
Published on:
05 Mar 2018 11:56 am

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