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पीएनबी स्‍कैम : नीरव और मेहुल चौकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी

नीरव मोदी पर संपत्ति खरीदने में कर चोरी और बाद में उसे बेनामी संपत्ति बनाने का आरोप है।

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mehul choksi

मुंबई : पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्‍य आरोपियों नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को सीबीआई ने ई-मेल भेज कर जांच में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन ऐसा करने से उन दोनों ने मना कर दिया था। इसके बाद इनके खिलाफ मुंबई की स्‍पेशल पीएमएलए कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। संपत्ति खरीदने में कर चोरी और बाद में उसे बेनामी संपत्ति बनाने के संबंध में नीरव मोदी के खिलाफ वारंट जारी किया गया है।

दरअसल, पीएनबी घोटाले में मुख्य आरोपी हीरा व्यापारी नीरव मोदी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशेष अदालत में गई थी। विशेष पीएमएलए कोर्ट के जज एमएस आजमी ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय के विशेष वकील हितेन वेनेगांवकर की नीरव मोदी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने संबंधी दलीलें सुनने के बाद यह अनुमति दी है।

15 फरवरी से अबतक तीन समन किए जा चुके हैं जारी
ईडी के वकील हितेन वेनेगांवकर ने अदालत को बताया कि 15 फरवरी को ईडी ने नीरव मोदी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। तब से लेकर अब तक उसे जांच एजेंसी के सामने पेश होने के लिए तीन समन जारी किए जा चुके हैं। यह समन 15, 17 और 22 फरवरी को उसके, उसके कर्मचारियों के पते पर भेजे जाने के अलावा ई-मेल भी किए गए थे। इसके बावजूद नीरव मोदी पेश ईडी के सामने पेश नहीं हुआ, इसलिए अब उसकी गिरफ्‍तारी के लिए गैरजमानती वारंट की आवश्‍यकता है।

छह देशों को संपत्ति की जांच के लिए पत्र भी भेजा गया है
इसी सोमवार को प्रिवेंशन ऑफ मनी लांडिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत गठित अदालत ने केंद्रीय जांच एजेंसी की अपील पर छह देशों को लेटर रोगेटरी (एलआर) जारी किया है, ताकि इन देशों में नीरव मोदी के कारोबार और संपत्तियों की पड़ताल की जा सके।

सीबीआई उच्‍चायोग से भी बात करने को कहा था
सीबीआई ने नीरव मोदी को ई-मेल कर जांच में शामिल होने को कहा था, लेकिन उसने यह तर्क देकर ऐसा करने से मना कर दिया कि उसका कारोबार विदेशों में भी फैला है। इसलिए वह जांच में शामिल नहीं हो सकता। इसके बाद सीबीआइ ने फिर ई-मेल कर कहा कि वह उस देश के उच्चायोग से बात करें, ताकि उनके भारत आने का इंतजाम किया जा सके। सीबीआई ने नीरव मोदी को जांच में शामिल होने के लिए अगले सप्‍ताह तक का वक्‍त दिया है। मालूम हो कि पीएबी घोटाले की जांच ईडी के साथ साथ सीबीआई भी कर रही है और वह जल्द ही इस मामले में अपनी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर सकती है।

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