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26/11: जन्नत की आस में आतंकियों को नहीं मिला जहन्नुम, कसाब ने कहा था जीत गई पुलिस

मुंबई हमले को 4 साल पूरे होने से पहले ही कसाब को मुंबई के आर्थर रोड जेल से फांसी के लिए यरवदा जेल के लिए ले जाया जा रहा था।

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Ravi Gupta

Nov 25, 2017

ajmal kasab

नई दिल्ली। 26/11 आतंकी हमलों की इस साल 9वीं बरसी है। मुंबई की काली रातों में से एक उस रात ने भी 164 लोगों की जीवन लीला समाप्त कर दी। इस हमले में करीब 308 लोग घायल हुए थे। इस हमले में मुंबई पुलिस के भी कई जवान शहीद हुए थे। जिन्होंने मुंबई वालों के साथ-साथ देश और विदेश के भी कई लोगों की जानें बचाई थी। विश्व में हुए बड़े आतंकी हमलों में शामिल इस हमले में कई विदेशी नागरिक भी मारे गए थे।

एक बड़ा खुलासा

26/11 आतंकी हमले की जांच कर रहे मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी रमेश महाले ने एक बड़ा खुलासा किया है। महाले ने दावे के साथ कहा कि ज़िंदा पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब ने पूछताछ में अफज़ल गुरु के बारे में पुलिस पर ताने मारते हुए कहा था कि वे लोग उसे क्या फांसी देंगे, अफजल गुरु को तो अभी तक दे नहीं पाए। महाले ने बताया था कि मुंबई हमले को 4 साल पूरे होने से पहले ही कसाब को मुंबई के आर्थर रोड जेल से फांसी के लिए यरवदा जेल के लिए ले जाया जा रहा था। उस वक्त महाले भी उसी के साथ थे। महाले ने कसाब को उसी की बात को याद दिलाते हुए कहा कि हमले के 4 चार के अंदर ही वो फांसी के फंदे पर लटकने जा रहा है। महाले की ये बात सुनते ही कसाब ने कहा कि आप जीत गए और मैं हार गया।

दिमाग में जन्नत की चरस

आतंकियों के आकाओं ने इनके दिमाग में जन्नत के चरस को इस कदर बो दिया था कि पाकिस्तान की गलियों से उठकर ये सीधा अपनी मौत के पास आ गए। आलम ये रहा कि जन्नत की खोज में निकले इन आतंकियों को जहन्नुम भी नसीब नहीं हो पाया। दुख तो इनके घर वालों का भी है, कि उनकी परवरिश में कहीं न कहीं कोई कमी तो रह ही गई थी कि उनकी ये गंदी औलादें किसी नेक काम के बगैर आतंक के ज़रिए जन्नत में जाने के ख्वाब देख रहे थे।

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