
श्रीनगर : कठुआ में आठ साल की बच्ची से हुए सामूहिक दुष्कर्म और फिर हत्या के मामले से पूरे देश में अब तक गुस्से की आग है। इस मामले की जांच को लेकर रोज नया मोड़ सामने आता है। अब जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक पीड़ित परिजनों ने कहा है कि वे सीबीआई जांच नहीं चाहते हैं। उनका कहना है कि वे क्राइम ब्रांच की जांच से संतुष्ट हैं। परिजनों का यह बयान एक टीवी चैनल से बातचीत में सामने आया है।
आरोपी छूटे तो जान को खतरा
परिजनों का कहना है कि आरोपियों को छोड़ा गया तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। परिवार का कहना है कि इंसाफ दो या मार डालो। उन्होंने सांझी राम को गुनाहगार माना है। परिजनों ने यह भी कहा कि उनसे कई लोगों ने सीबीआई जांच की मांग करने को कहा। इस मामले में दो मुख्य आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई को जांच सौंपने की मांग की थी ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
जांच के स्थानांतरण का आरोपियों ने किया था विरोध
आरोपियों ने मुकदमे को चंडीगढ़ स्थानांतरित किए जाने की याचिका का सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया था। आरोपी सांझी राम और विशाल जंगोत्रा ने दावा किया कि पुलिस एक निष्पक्ष और प्रभावी जांच करने में नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच करने वाली एसआईटी में दागी अधिकारी शामिल थे। शीर्ष न्यायालय में दाखिल किए गए अपने हलफनामे में आरोपियों ने मृतका के पिता की उस याचिका का विरोध किया है जिसके तहत उन्होंने मुकदमे की सुनवाई कठुआ से चंडीगढ़ स्थानांतरित करने की मांग की है।
Published on:
06 May 2018 09:01 am
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