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भारत के जेट इंजन प्लान कावेरी प्रोजेक्ट को पुनर्जीवित करेगी फ्रेंच कंपनी

भारत अपने खुद के फाइटर जेट इंजन को फ्रें च डिफेंस मेन्युफेक्चर के साथ मिलकर तैयार करेगा।

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Sweta Pachori

Nov 30, 2016

kaveri engine

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नई दिल्ली। भारत अपने खुद के फाइटर जेट इंजन को फ्रें च डिफेंस मेन्युफेक्चर के साथ मिलकर तैयार करेगा। फ्रांस की कंपनी सैफरान भारत के कावेरी प्रोजेक्ट को पुर्नजीवित करने में मदद करेगी।

2014 में ठप हो गया था कावेरी प्रोजेक्ट, फ्रांस करेगा मदद

कावेरी गैस टरबाइन लड़ाकू विमान विकसित इंजन और मानव रहित विमान आवश्यक शक्ति बल प्रदान करने में असमर्थ हुआ था। इसी वजह से 2014 में ये योजना ठप हो गई थी। फ्रेंच विशेषज्ञों ने एक अध्ययन के बाद इन सभी बिंदुओं को सही करने की बात कही। इस प्रोजेक्ट में निवेश करने वाली कंपनी के अनुसार कावेरी इंजन को मुकाबले के योग्य बनाने के लिए इसमें 25 से 30 प्रतिशत ज्यादा काम करने की जरूरत है। ऑफसेट क्रेडिट का इस्तेमाल करने के लिए एक विस्तृत संयुक्त विकास योजना तैयार हो जाएगी।

1 बिलियन यूरो तक निवेश करेगा फ्रांस

सूत्रों के अनुसार फ्रांस ने भारत के फाइटर जेट इंजन के लिए 1 बिलियन यूरो निवेश करने का प्रस्ताव रखा है। इस निवेश को लेकर जनवरी से लेकर अब तक सफरान और भारत के बीच में बहुत सी चर्चाएं हो चुकी हैं। सफरान कंपनी ने राफेल के एम88 इंजन विकसित किया है। इस प्रोजेक्ट पर प्रारंभिक परामर्श शुल्क के अलावा भारत को कुछ भी खर्च करने की जरूरत नहीं होगी। फ्रांस ने कावेरी इंजन को 18 महीने में उडऩे लायक बनाने का दावा किया है। 2020 तक तैयार होने वाले हल्के लड़ाकू विमान तेजस में इस इंजन को भी शामिल किया जा सकेगा।

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