
नई दिल्ली: केरल के हादिया-शफीन के निकाह मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दोनों का निकाह बहाल रखा है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले में अपना आदेश सुनाते हुए केरल हाईकोर्ट के उस फैसले को भी निरस्त कर दिया, जिसमें शादी को उनकी शादी की बैधता को रद्द किया गया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब हादिया अपने पति शफीन के साथ रह सकती हैं।
हादिया आजाद, जो चाहे कर लें
सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही यह स्पष्ट किया कि इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से चल रही जांच जारी रहेगी। कोर्ट ने कहा कि हादिया अपनी पढ़ाई जारी रख सकती हैं और वो जो चाहती हैं कर सकती हैं। कोर्ट के बाहर शफीन के वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले से हादिया को आजादी दी है।
पहले भी पति के साथ रहने की मांग कर चुकी है
बता दें कि इसके पहले भी हदिया सुप्रीम कोर्ट से मांग कर चुकी हैं कि उन्हें अपने पति के साथ रहने की इजाजत दी जाए। 23 जनवरी की सुनवाई में भी उसने यही कहा था कि वह बालिग हैं और उन्हें अपनी मर्जी से शादी करने का अधिकार है। एनआईए या कोई अन्य संस्था उसकी शादी की वैधता की जांच नहीं कर सकती है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा था कि अगर लड़का-लड़की कहते हैं कि उनकी शादी हुई है तो इस पर जांच नहीं हो सकती। हालांकि कोर्ट ने लव जिहाद के मामलों पर एनआईए को जांच का आदेश वापस लेने का आदेश नहीं दिया था।
केरल हाईकोर्ट ने बताया था लव जिहाद
पिछले साल हादिया ने मुस्लिम धर्म अपनाकर शफी जहां नाम के शख्स से निकाह कर लिया था, जिसके बाद लड़की के पिता अशोकन केएम ने इस मामले को लेकर कोर्ट में गुहार लगाई थी। केरल हाईकोर्ट ने इसे 'लव जिहाद' का मामला मानते हुए शादी को रद्द कर दिया था।
Updated on:
08 Mar 2018 03:52 pm
Published on:
08 Mar 2018 03:49 pm
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