21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भारत रत्न भूपेन दा: हिंदुस्तानियों के दिलों पर भूपेन दा की आवाज ने किया राज, खुद ही लिखते और गाते थे

भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम के रहने वाले भूपेन हजारिया बहुमुखी प्रतिभा के धनी गायक थे।

2 min read
Google source verification

image

Kapil Tiwari

Jan 25, 2019

Bhupen Hazarika

Bhupen Hazarika

नई दिल्ली। भारत रत्न का ऐलान जिन तीन नामों के लिए किया गया है, उनमें भूपेन हजारिका का नाम भी शामिल हैं। भूपेन दा मशहूर गायक थे, जिनके सुरों ने हिंदुस्तानियों के दिलों कई दशकों तक राज किया। भूपेन दा नॉर्थ ईस्ट राज्य असम के थे।

भूपेन हजारिका

असम की संस्कृति के अच्छे जानकार थे

- भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम के रहने वाले भूपेन हजारिया बहुमुखी प्रतिभा के धनी गायक थे। हजारिका की असरदार आवाज में जिस किसी ने उनके गीत "दिल हूम हूम करे" और "ओ गंगा तू बहती है क्यों" सुना वह इससे इंकार नहीं कर सकता कि उसके दिल पर भूपेन दा का जादू नहीं चला। अपनी मूल भाषा के अलावा उन्होंने हिंदी और बंगला समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं की जानकारी थी, जिनमें उन्होंने गाने भी गाए। भूपेन दा असमिया भाषा के कवि, फिल्म निर्माता, लेखक और असम की संस्कृति और संगीत के अच्छे जानकार भी रहे थे।

संगीत के अलावा इन क्षेत्रों में भी थे माहिर

- वे भारत के ऐसे विलक्षण कलाकार थे जो अपने गीत खुद लिखते थे, संगीतबद्ध करते थे और गाते थे। उन्हें दक्षिण एशिया के श्रेष्ठतम जीवित सांस्कृतिक दूतों में से एक माना जाता है। उन्होंने कविता लेखन, पत्रकारिता, गायन, फिल्म निर्माण आदि अनेक क्षेत्रों में काम किया।

भूपेन दा की शिक्षा

- भूपेन हजारिका का जन्म 1926 में, सादिया, असम में हुआ था। एक अत्यंत अकादमिक रूप से उदार व्यक्ति, उन्होंने 1942 में गुवाहाटी में अपना इंटर (आर्ट्स) किया, और 1944 में अपनी बी ए को और 1946 में राजनीति विज्ञान में एम ए को पूरा करने के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय चला गए।

इन अवॉर्ड से भी हो चुके थे सम्मानित

- भूपेन हजारिका को 1975 में सर्वोत्कृष्ट क्षेत्रीय फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार, 1992 में सिनेमा जगत के सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहब फाल्के सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें 2009 में असोम रत्न और इसी साल संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड, 2011 में पद्म भूषण जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। 2019 में इन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देने की घोषणा की गई।


बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग