जानिए National Recruitment Agency कैसे देगी देश में भर्ती प्रक्रिया को नया रंग-रूप

  • NRA नॉन टेक्निकल ग्रुप में विभिन्न विभागों में भर्ती के लिए एक बहु-निकाय एजेंसी होगी।
  • एनआरए रेलवे मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, एसएससी, आरआरबी और आईबीपीएस में Job देने का जरिया बनेगी।
  • राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी को मूर्त देने के लिए Central Government ने 1517.57 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की।

नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट ( Modi Cabinet ) ने सरकारी नौकरियों ( Governments Jobs ) में भर्ती के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। यह फैसला ग्रामीण क्षेत्र ( Rural Areas ) और गरीब ( Poor ) युवाओं के लिए एक वरदान पूरा होने जैसा है। ऐसा इसलिए कि अब उन्हें भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। न हीं अलग-अलग फॉर्म भरने के लिए अलग पैसे खर्च करने होंगे।

कम खर्च और कम परेशानी में एक फॉर्म भरकर नॉन-टेक्निल ( Non-technical ) समूह के ख और ग ग्रेड के सभी विभागों की परीक्षाओं के लिए उन्हें एक ही बार परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। ऐसा इसलिए कि केंद्र सरकार ( Central Government ) ने राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (National Recruitment Agency ) का गठन करने का एलान किया है।

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एनआरए एक बहु एजेंसी निकाय के रूप में समूह 'ख' और 'ग' ( गैर-तकनीकी ) पदों के लिए उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करने के लिए सामान्य योग्यता परीक्षा ( सीईटी ) आयोजित करेगी।

क्या है एनआरए?

सरकारी स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक एनआरए ( NRA ) एक बहु-एजेंसी निकाय होगी, जिसकी शासी निकाय में रेलवे मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, कर्मचारी चयन आयोग ( SSC ), रेलवे भर्ती बोर्ड ( RRB ) और बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान ( IBPS ) के प्रतिनिधि शामिल होंगे। एक विशेषज्ञ निकाय के रूप में एनआरए केंद्र सरकार की भर्ती के क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का पालन करेगी।

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इसकी जरूरत क्यों पड़ी

अभी तक सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्‍मीदवारों को पात्रता की समान शर्तों वाले विभिन्‍न पदों के लिए अलग-अलग भर्ती एजेंसियों द्वारा संचालित की जाने वाली भिन्न-भिन्न परीक्षाओं में सम्मिलित होना पड़ता है। उम्‍मीदवारों को भिन्‍न-भिन्‍न भर्ती एजेंसियों को शुल्‍क का भुगतान करना पड़ता है और इन परीक्षाओं में भाग लेने के लिए लंबी दूरियां तय करनी पड़ती है। इन अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं से उम्‍मीदवारों के साथ-साथ संबंधित भर्ती एजेंसियों पर भी बोझ पड़ता हैं। इसमें बार-बार होने वाले खर्च, कानून और व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी मुद्दे और परीक्षा केंद्रों संबंधी समस्याएं शामिल हैं।

2 से 3 करोड़ युवाओं को भारी राहत

एक अनुमान के मुताबिक इन परीक्षाओं में अलग से 2.5 करोड़ से 3 करोड़ उम्मीदवार शामिल होते हैं। साझी पात्रता परीक्षा ( सीईटी ) उम्मीदवार एक सामान्य योग्यता परीक्षा में केवल एक बार शामिल होंगे। उसके बाद मुख्य परीक्षा में किसी एक या इन सभी भर्ती एजेंसियों में आवेदन कर पाएंगे। मुख्य परीक्षा में विफल होने के बाद भी उन्हें तीन साल तक सीधे मुख्य परीक्षा देने की अनुमति होगी।

एसएससी, रेलवे और बैकिंग के लिए होगी भर्ती परीक्षा

एनआरए द्वारा गैर-तकनीकी पदों के लिए स्नातक, 12वीं और 10वीं पास उम्‍मीदवारों के लिए अलग से सीईटी का संचालन किया जाएगा। इसके लिए वर्तमान में कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) द्वारा भर्ती की जाती है।

खर्च और परेशानी से छुटकारा

अभी तक उम्मीदवारों को बहु-एजेंसियों द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न परीक्षाओं में भाग लेना होता है। परीक्षा शुल्क के अतिरिक्त उम्मीदवारों को यात्रा, रहने-ठहरने और अन्य पर अतिरिक्त व्यय करना पड़ता है। सीईटी जैसी एकल परीक्षा से काफी हद तक उम्मीदवारों पर वित्तीय बोझ कम होगा।

1517.57 करोड़ रुपए की स्वीकृति

राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी ( एनआरए ) के लिए 1517.57 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। व्यय तीन वर्षों की अवधि में किया जाएगा। एनआरए की स्थापना के अलावा 117 आकांक्षी जिलों में परीक्षा आधारभूत ढांचा स्थापित करने के लिए भी राशि खर्च होगी।

ये है एनआरए की रूपरेखा

1. एनआरए के तहत एक परीक्षा में शामिल होने से उम्मीदवारों को कई पदों के लिए प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।

2. एनआरए वर्ष में दो बार आनलाइन माध्यम से सीईटी आयोजित करेगा।

3. अभ्यार्थियों का पंजीकरण, रॉल नंबर, एडमिट कार्ड, अंक पत्र, मेधा सूची आदि आनलाइन माध्यम से संचालित होंगी।

4. सीईटी अनेक भाषाओं में उपलब्ध होगी।

5. यह देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों को परीक्षा में बैठने और चयनित होने के समान अवसर प्राप्त करना सुविधाजनक बनाएगी।

6. सीईटी बहु विकल्प प्रश्नों पर आधारित परीक्षा होगी और इसका स्कोरकार्ड तीन वर्षों तक मान्य होगा।

7. इसके लिए देश के प्रत्येक जिले में एक परीक्षा केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसमें 117 आकांक्षी जिले शामिल हैं।

8. प्रारंभिक योजना देशभर में 1000 परीक्षा केंद्र स्थापित करने की है।

9. इससे गरीब और ग्रामीण पृष्टभूमि के उम्मीदवारों को राहत मिलेगी।

10. सीईटी में भाग लेने के लिए अवसरों की संख्‍या पर कोई सीमा नहीं होगी।

11. सरकार की मौजूदा नीति के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग तथा अन्‍य श्रेणियों के उम्‍मीदवारों को ऊपरी आयु-सीमा में छूट दी जाएगी।

12. आने वाले समय में इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यार्थियों को प्रदान सीईटी स्कोर को केंद्र सरकार, राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेशों, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम, निजी क्षेत्र की अन्य भर्ती एजेंसियों के साथ साझा किया जा सकता है।

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