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एम करुणानिधि को उनके प्रशंसकों ने दिया था ‘कलैगनार’ उपनाम, जानें क्या है इसका मतलब

करुणानिधि को उनकी बहुमुखी प्रतिभाओं की वजह से कलैगनार कहा जाता था। कलैगनार का अर्थ होता है 'कला का विद्वान', जो वो दिखते भी थे।

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Kapil Tiwari

Aug 07, 2018

Kalaignar M Karunanidhi

Kalaignar M Karunanidhi

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति के बड़े चेहरों में से एक तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एन करुणानिधि अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं। मंगलवार को चेन्नई के कावेरी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। करुणानिधि का निधन 94 साल की उम्र में हुआ। एम करुणानिधि के निधन को तमाम मीडिया संस्थान कवर कर रहे हैं। इस बीच एक शब्द सभी के सामने आ रहा है वो 'कलैगनार', जिसे लेकर हर किसी के दिमाग में एक ही सवाल है कि आखिर करुणानिधि को कलैगनार क्यों कहा जाता था।

क्यों करुणानिधि को कहा जाता था 'कलैगनार'

करुणानिधि को 'कलैगनार' शब्द उनके प्रशंसको ने दिया था। उन्हें उनकी बहुमुखी प्रतिभाओं की वजह से कलैगनार कहा जाता था। कलैगनार का अर्थ होता है 'कला का विद्वान', जो वो दिखते भी थे। इसके अलावा उन्हें मुथामिझ कविनार भी कहा जाता था। कलैगनार उपनाम उनके व्यक्तित्व पर पूरी तरह से फिट बैठता था, क्योंकी वो सिर्फ राजनीति के विद्वान ही नहीं, बल्कि फिल्मी दुनिया के भी विद्वान थे। वो कई क्षेत्रों में बेहद कामयाब रहे। वह सफल राजनेता, मुख्यमंत्री, फिल्म लेखक, गीतकार, साहित्यकार होने के साथ ही पत्रकार, प्रकाशक और कार्टूनिस्ट भी रहे। उनके करियर की सबसे खास बात यह रही कि जीवन के 94वें पड़ाव पर भी वह राजनीति में बेहद सक्रिय रहे।

कई क्षेत्रों में अपार सफलताएं हासिल कर चुके थे करुणानिधि

भारत की वर्तमान राजनीति में करुणानिधि चंद ऐसे नेताओं में शुमार थे, जिन्होंने इस क्षेत्र में अपार सफलताएं हासिल की और 90 से ज्यादा वसंत भी देखे। करुणानिधि राजनीति में आने से पहले तमिल सिनेमा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके थे। वहां उनकी पहचान एक धुरंधर पटकथा लेखक के रूप में थी। फिल्मों में पटकथा लेखक के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले करुणानिधि को समाजवादी और बुद्धिवादी आदर्शों को बढ़ावा देने वाली ऐतिहासिक और सामाजिक (सुधारवादी) कहानियां लिखने के कारण जोरदार कामयाबी मिली। सिनेमा में कामयाबी, जबर्दस्त मेहनत और चतुर दिमाग ने उन्हें राजनीति में अपार सफलता दिलाई और तमिलनाडु में 5 बार (1969–71, 1971–76, 1989–91, 1996–2001 और 2006–2011) मुख्यमंत्री भी रहे।

उनकी इसी खासियत को लेकर उनके प्रशंसकों ने उन्हें 'कलैगनार' उपनाम दिया था।