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कोलकाता : इस घटना के बाद लोगों की भूतों मे बढ़ी “दिलचस्पी”

कहानी की किताबों में जिस तरह से भूतों को सफेद साडियों में बताया जाता है, ऎसा कुछ नहीं होता है

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Jameel Ahmed Khan

Jun 16, 2015

Paranormal Activity

Paranormal Activity

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रोबिनसन स्ट्रीट में डे परिवार की घटना सामने आने के बाद शहरवासियों और पूरे प्रदेश में अपसामान्य विषयों में दिलचस्पी बढ़ी है। घटना के सामने आने के बाद से अमरीका की इंटरनेशनल पैरनोर्मल सोसाइटी से संबंधित पैरनोर्मल सोसाइटी के पास लोग फोन कर अजीबो-गरीब सवाल पूछ रहे हैं।

कुछ लोग चाहते हैं कि आत्माओं का पता लगाने के लिए संस्था के लोग उनके घर या पड़ोसी के घर की जांच करें, तो कुछ पैरनोर्मल के बारे में अध्ययन करने के लिए संस्था मे दाखिला लेना चाहते हैं। वहीं, कुछ लोग संस्था से जुड़कर जांचकर्ता बनना चाहते हैं ताकि आत्माओं या भूतों को ढूंढ सकें।

एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार, संस्था पश्चिम बंगाल में 300 और कोलकाता में 70 भूतिया जगहों की जांच कर चुकी है। संस्था ने वर्ष 2010 में काम करना शुरू किया था। संस्था के सह-संस्थापक और यांत्रिक इंजीनियर सौमेन रॉय ने बताया कि कई जगहों पर हमें रहस्यमय अवाजें सुनाई दी हैं, जिन्होंने हमें जवाब भी दिया। हमें ऎसी जगहों पर विद्युत चुंबकीय मैदान भी मिले जहां ऎसी जगहों का होना संभव नहीं है।

हालांकि, पिछले आठ सालों से "आत्मा" का पीछा कर रहे रॉय ने सोमवार को बताया कि कहानी की किताबों में जिस तरह से भूतों को सफेद साडियों में बताया जाता है, ऎसा कुछ नहीं होता है। न ही भूत कंकाल के रूप में सामने आते हैं।

उन्होंने आगे बताया, मीडिया में डे परिवार के बारे में आने के बाद से हमारे यहां दिनभर फोन की घंटियां बजती रहती हैं। लगता है लोगों में आत्माओं या भूतों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। पहले हमारे पास दिनभर में महज दो या तीन फोन ही आते थे।

रॉय ने बताया, हमारे पास कोलकाता और अन्य जिलों से फोन आ रहे हैं। कुछ लोगो का कहना है कि उन्होंने उन्होंने अपने घर में परछाई देखी है या अजीबो-गरीब आवाजें सुनी हैं। कुछ लोग अपने पड़ोसियों के घरों को रहस्यमयीय जगह बताते हैं। कुछ लोग हमसे जुड़ना चाहते हैं, तो कुछ जांचकर्ता बनना चाहते हैं।

रॉय ने कहा यही नहीं, कुछ लोग काला जादू सीख कर कंकालों को जिंदा करना चाहते हैं। हमारे पास ऎसी ही अटपटी मांगे सामने आती रहती हैं। हमें फोन करने वाले लोग विभिन्न उम्र, शिक्षा और आय पृष्ठ भूमि से होती हैं।

उल्लेखनीय है, बहन के शव के साथ कई महीनों तक रहने वाले पार्था डे ने मंगलवार को कहा कि उसे पश्चिम बंगाल के मानसिक चिकित्सालय में अवैध रूप से रखा गया। उसने कोई अपराध नहीं किया है। पार्था (44) का फिलहाल कलकत्ता पावलोव अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसने कहा कि वह अपनी संपत्ति दान करना चाहता है।

पूर्व तकनीशियन ने अस्पताल परिसर में संवाददाताओं से कहा, मुझे यहां गैरकानूनी रूप से, बिना मेरी मर्जी के रखा गया। मुझे यहां रखना गैरकानूनी है। मैंने कोई अपराध नहीं किया है। "मैं अपनी मां के घर जाना चाहता हूं। मेरे पास बहुत संपत्ति है और मैं इसे दान करना चाहता हूं।

पुलिस को 10 जून को पार्था के घर से इसकी बहन देवयानी डे और दो कुत्तों के कंकाल मिले थे, जब उसके पिता अरविंद डे की मौत के कारणों की जांच की जा रही है। अरविंद का शव स्नानागार में जली हुई अवस्था में मिला था। हालांकि, पुलिस ने पार्था के खिलाफ कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं किया है, लेकिन वह उससे पूछताछ कर सकती है। पार्था ने कहा कि उसकी बहन व्रत रखती थी, जिस वजह से उसकी मौत हो गई। उसके पिता को देवयानी की मौत के तीन महीने बाद मार्च में इसका पता चला।

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