
नई दिल्ली। देशभर में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध हुआ। पश्चिम बंगाल भी इससे अछूता नहीं रहा। बल्कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो प्रदेश में CAA और NRC लागू ना करने को लेकर विज्ञापन तक लगवा डाले थे। लेकिन सीएम को इस मामले में कोर्ट ने तगड़ा झटका दिया है।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस की सरकार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने झटका दिया है। दरअसल बीते दिनों केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बनाए गए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में टीएमसी और खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कई रैलियां की।
पोस्टर हटाने का निर्देश
टीएमसी सरकार ने संभावित NRC को भी सिरे से खारिज कर दिया। इसी मामले में टीएमसी सरकार ने राज्य भर में नागरकिता संशोधन कानून ( CAA ) और एनआरसी ( NRC ) विरोधी पोस्टर लगाए थे, जिन्हें अब हाईकोर्ट ने हटाने को कह दिया है।
चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली डिविजन बेंच ने कहा है कि सभी सार्वजनिक स्थानों से वह पोस्टर और विज्ञापन हटा दें जिसके जरिए सीएए और एनआरसी का विरोध किया गया है।
वकीलों के समूह ने दायर की याचिका
आफको बता दें कि सीएए और एनआरसी विज्ञापनों के खिलाफ वकीलों के एक समूह ने याचिका दायर की थी। वे टीएमसी सरकार के उस फैसले के खिलाफ अदालत गए जिसके तहत टीवी, वेबसाइट्स और अखबारों को सीएए और एनआरसी विरोधी विज्ञापन जारी किये गए थे।
इन विज्ञापनों में यह बताया गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार सीएए और संभावित एनआरसी के खिलाफ है और इसे लागू नहीं करेगी।
9 जनवरी को अगली सुनवाई
अदालत ने कहा कि कुछ समय के लिए इन विज्ञापनों पर रोक लगा दें। इस मामले पर अगली सुनवाई 9 जनवरी को होगी।
Published on:
23 Dec 2019 03:22 pm

बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
