KUK Exam 2020: कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं 10 सितंबर से होंगी शुरू, Open Book Exam संभव

  • कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ( Kurukshetra University ) ने मंगलवार को जारी की परीक्षाओं ( KUK Exam 2020 ) की अधिसूचना।
  • मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ओपन बुक एग्जाम ( open book exam ) फॉर्मेट में होंगी परीक्षाएं।
  • कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ( kurukshetra University haryana ) ने अपनी वेबसाइट kuk.ac.in पर जारी की परीक्षाओं ( university exam ) की सूचना।

चंडीगढ़। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ( Kurukshetra University ) 10 सितंबर से अंतिम वर्ष की परीक्षाएं ( KUK Exam 2020 ) आयोजित करेगा। सभी स्नातक और परास्नातक टर्मिनल सेमेस्टर/वर्ष के नियमित, डीडीई और निजी छात्रों के लिए परीक्षा सितंबर में आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (kuk.ac.in) पर इसकी सूचना जारी की है।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ( kurukshetra University haryana ) संभवतः ओपन बुक (खुली किताब) के प्रारूप में परीक्षा ( university exam ) आयोजित करेगा। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं खुली किताब ( open book exam ) के प्रारूप में आयोजित की जाएंगी। ओबीई (ओपन बुक एग्जाम) मोड में परीक्षा आयोजित करने का फैसला मौजूदा कोरोना वायरस महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

इसके अलावा यूनिवर्सिटी ने उन उम्मीदवारों के लिए परीक्षा के दो तरीके रखने के बारे में भी विचार किया है जिनके पास इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है।

इन परीक्षाओं के प्रश्न पत्र विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। छात्रों को प्रश्न पत्र डाउनलोड करना होगा और फिर आधिकारिक वेबसाइट पर उत्तर पुस्तिका अपलोड करनी होगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विश्वविद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक विश्वविद्यालय संग्रह केंद्र स्थापित करने पर भी विचार कर रहा है, जहां छात्र प्रश्न-पत्र हल करने के बाद अपनी उत्तर पुस्तिकाएं जमा कर सकते हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय के बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ओपन बुक एग्जाम का चयन करने वाला दूसरा विश्वविद्यालय होगा। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर विस्तृत समय सारणी और संबंधित अन्य विवरण जल्द ही उपलब्ध होंगे। छात्र कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की आधिकारिक साइट पर परीक्षा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए देख सकते हैं।

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक देशभर के सभी विश्वविद्यालयों को अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं ( final year student ) आयोजित कराना अनिवार्य है। जबकि कोरोना वायरस महामारी के बीच विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षा आयोजित करने की अनुमति देने के लिए छात्र यूजीसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 10 अगस्त को यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि परीक्षा आयोजित करने या नहीं करने का फैसला लेने का एकमात्र अधिकार उसके पास है।

कोरोना इफेक्ट :यूजीसी ने गुणवत्ता अधिदेश शैक्षणिक गतिविधियों के लिए  जारी की ई-बुक

यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि विश्वविद्यालयों से परीक्षा के संचालन की स्थिति के बारे में सूचित करने के लिए संपर्क किया गया था। इसको लेकर 818 विश्वविद्यालयों (121 डीम्ड विश्वविद्यालयों, 291 निजी विश्वविद्यालयों, 51 केंद्रीय विश्वविद्यालयों और 355 राज्य विश्वविद्यालयों) से प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई थीं।

818 विश्वविद्यालयों में से, 603 ने या तो परीक्षा आयोजित की है या आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। 209 अन्य विवि ने पहले ही परीक्षा (ऑन-लाइन/ऑफ-लाइन) आयोजित की है, 394 अगस्त या सितंबर में परीक्षा (ऑन-लाइन / ऑफ-लाइन / मिश्रित मोड) आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। 

अमित कुमार बाजपेयी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned