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देश में क्या है न्यायपालिका का हाल? खुद मोदी सरकार ने किया खुलासा

उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने जजों की रिकॉर्ड संख्या में नियुक्ति की, गैरजरूरी हो चुके कानून खत्म किए और फास्ट ट्रैक अदालतों की संख्या बढ़ाई।

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Ravishankar

देश में क्या है न्यायपालिका का हाल? खुद मोदी सरकार ने किया खुलासा

नई दिल्ली। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस तमाम आंकड़े सामने रखते हुए मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान न्यायपालिका के तंत्र में हुए सुधारों के बारे में बताया। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने जजों की रिकॉर्ड संख्या में नियुक्ति की, गैरजरूरी हो चुके कानून खत्म किए और फास्ट ट्रैक अदालतों की संख्या बढ़ाई।

...जजों की नियुक्ति पर बोले कानून मंत्री

भारतीय अदालतों में लंबित चल रहे मुकदमों की संख्या करोड़ों में हैं। ऐसे में अक्सर न्यायाधीशों की कमी की बात कही जाती रही है। न्यायाधीशों की कमी के मामले में सर्वोच्च न्यायालय का हाल भी अच्छा नहीं है। कानून मंत्री ने बताया कि
- अप्रैल 2015 से लेकर मई 2018 के बीच सर्वोच्च न्यायालय के 18 न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है जबकि उच्च न्यायालयों के 331 न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है।
- 2016 में पिछले 30 वर्षों में सबसे ज्यादा 126 उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई। इसके साथ ही उच्च न्यायालयों में 313 के अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी किया गया।
- निचली अदालतों में 1613 न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई है। अब इनकी कुल संख्या 16,728 हो चुकी है। हालांकि अभी भी 5,746 पद खाली हैं।
- सरकार ने अपना औचित्य खो चुके 1824 कानूनों को चिन्हित किया है, जिन्हें रद्द किया जाना है। ऐसे 1428 कानून रद्द किए जा चुके हैं। बाकी को राज्य सरकार को भेजा गया है और 167 को रद्द किए जाने की प्रक्रिया जारी है।
- 2015 में 281 फास्ट ट्रैक कोर्ट थीं, जो अब बढ़कर 727 हो चुकी है।

दागी सांसदों-विधायकों के लिए स्पेशल कोर्ट

उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के मुताबिक सांसद और विधायकों के खिलाफ लंबित मुकदमों के तेजी से निपटारे के लिए स्पेशल कोर्ट बनाए जा रहे हैं। अब तक 11 राज्यों में 12 ऐसे स्पेशल कोर्ट बना दिए गए हैं और ऐसे 791 मामलों को स्थानांतरित किया जा चुका है। उनके मुताबिक सरकार ने सर्वोच्च और उच्च न्यायालय से आग्रह किया है कि 10 साल से ज्यादा समय से लंबित मुकदमों के निपटारे को फास्ट ट्रैक किया जाए।

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