
नई दिल्ली।
देश में कोरोना महामारी को लेकर अब तक जिस राज्य में सबसे बुरे हालात रहे हैं, वह महाराष्ट्र है। यहां कोविड के अब तक सबसे अधिक केस सामने आए हैं। इसको देखते हुए सबसे सतर्कता बरतने को भी कहा जा रहा है। इस बीच कुछ लोग जरूरी गाइडलाइंस का पालन नहीं कर रहे और उनकी लापरवाही दूसरों पर भारी पड़ रही है।
महाराष्ट्र में बीते एक हफ्ते में हालात फिर से बिगडऩे शुरू हो गए हैं। राज्य के कई जिलों में फिर से लॉकडाउन लगाना पड़ा है। मगर, कुछ लोग सुधर नहीं रहे। ऐसी ही लापरवाही बाम्बे हाईकोर्ट में तब देखने को मिली जब एक केस की सुनवाई के दौरान वकील ने मास्क उतार दिया। इसके बाद केस की सुनवाई करके जज ने बीच में ही सुनवाई को रोक दिया।
वकील ने हाईकोर्ट में उतार दिया मास्क, जज ने सुनवाई से कर दिया इनकार
बाम्बे हाईकोर्ट के जज जस्टिस पृथ्वीराज के. चह्वाण एक केस की सुनवाई कर रहे थे। तभी याचिकाकर्ता के वकील ने मास्क उतार दिया। इस पर जज ने कोरोना गाइडलाइंस का हवाला देते हुए आगे सुनवाई से इनकार कर दिया।
महाराष्ट्र के अकोला जिले में लॉकडाउन 7 दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है। यहां अब 8 मार्च तक लॉकडाउन लागू रहेगा। वहीं, नागपुर में 7 मार्च तक जिले के सभी स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। अमरावती जिले में लॉकडाउन बढ़ा दिया गया।
दूसरी ओर, कोरोना वैक्सिनेशन का दूसरा चरण देशभर में 1 मार्च से शुरू हो रहा है। इस चरण में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा 45 वर्ष से अधिक उम्र के वे लोग जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं, उन्हें भी इस चरण में टीका लगाया जा सकेगा। मगर ऐसे लोगों को बीमारी का प्रमाण पत्र टीकाकरण केंद्र पर साथ में ले जाना अनिवार्य होगा।
Published on:
28 Feb 2021 08:51 am
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