
West Bengal में सस्ती शराब को लेकर उठी मांग, 30% Sales Tax से कम हुई ब्रिकी
नई दिल्ली।
कोरोना संकट ( coronavirus ) के बीच आर्थिक हालातों से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ( West Bengal Govt ) ने वाइन और बीयर पर 30 प्रतिशत बिक्री कर ( 30% Sales Tax On Liquor ) लगाया था। वहीं, अब शराब विक्रेताओं ( Liquor Makers ) ने राज्य सरकार से अपील की है कि वह शराब पर बिक्री कर को मौजूदा 30 प्रतिशत से उचित दर पर कम करने करें, जिससे बिक्री बढ़ेगी और राज्य को अधिक राजस्व अर्जित करने में मदद मिलेगी। बता दें कि लॉकडाउन ( Lockdown ) के दौरान राजस्व बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने 9 अप्रैल से शराब पर 30 प्रतिशत बिक्री कर लगाया था। कंफेडेरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज ( CIABC ) के राज्य के प्रतिनिधित्व ने कहा, "9 अप्रैल को शराब पर बिक्री कर की वृद्धि में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे राज्य के राजस्व में कमी आई है,"।
35 फीसदी की गिरावट
सीआईएबीसी के महानिदेशक विनोद गिरी ने कहा कि अप्रैल और मई में बिक्री में 84 प्रतिशत और 35 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस बात साफ होता है कि जब कीमतों में तेजी से वृद्धि होती है, तो उपभोक्ता सस्ते उत्पादों को पसंद करते हैं और इसलिए शराब की ब्रिकी में भारी गिरावट आई। उन्होंने कहा कि करों में वृद्धि के कारण राजस्व में कमी आई है।
कम हो बिक्री कर
विनोद गिरी ने सरकार ने अपील की, राज्य सरकार शराब पर बिक्री कर में 5-10 प्रतिशत से अधिक की कमी किया करें। उन्होंने कहा कि इस तरह की ऐसा करने पर कंपनियों और उपभोक्ताओं को फायदा होगा और वृद्धि से बिक्री पर प्रतिकूल प्रभाव कम होगा, इस प्रकार सरकार के लिए उच्च कर राजस्व में वृद्धि होगी।
पड़ोसी राज्यों में सस्ती शराब
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली सरकार ने 70 प्रतिशत उपकर को वापस लेने का फैसला किया और इसे वैट में "उचित पांच प्रतिशत वृद्धि" के साथ बदल दिया। गिरि ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पड़ोसी राज्यों में शराब की कीमत की तुलना में अधिक है। उन्होंने कहा, "कीमतों में अंतर अब बहुत व्यापक है और हम आशंका जताते हैं कि इससे बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी होगी, जिससे राज्य और सरकार के राजस्व में वास्तविक बिक्री प्रभावित होगी।"
Updated on:
01 Jul 2020 02:38 pm
Published on:
01 Jul 2020 02:36 pm

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