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इस मंदिर के शिवलिंग में साक्षात विराजमान है भगवान भोले, दिन भर खुद होता है जलाभिषेक

जो भी बेरोजगार इंसान यहां सच्चे दिल से शिवलिंग की पूजा करता है। उसे बहुत जल्द नौकरी मिल जाती है।
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नई दिल्ली

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Ravi Gupta

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Updated: 17 Feb 2018, 9:23 AM IST

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भारत आस्थाओं का एक देश है। जहां 125 करोड़ों लोगों के दिल में अपने धर्म के लिए आस्था है। वैसे तो भगवान एक ही हैं। लेकिन उनके मंदिर अनेक है। भारत में भगवान शिव के ही कई मंदिर हैं। जिनकी अलग-अलग मान्याताएं हैं। आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के शिवलिंग के बारे में जिसका जलाभिषेक खुद-ब-खुद होता रहता है। यह शिवलिंग कितनी पुरानी है, ये तो किसी को नहीं पता लेकिन यह मंदिर 200 साल से भी ज्यादा पुराना है। मुंगेर का वासुदेवपुर क्षेत्र के नयागाव का प्राचीन शिव मंदिर कई मान्यताओं में दूसरे से बहुत अलग है। यहां की शिवलिंग हमेशा गीली रहती है। चाहे कोई सा भी महीना हो, आजतक यहां की शिवलिंग गीली रहती है। वहां लोकल निवासी बताते हैं कि इस मंदिर को लोग भोला थान के नाम से भी जानते हैं। एक बार बहुत सूखा जैसा हुआ था लेकिन इस शिवलिंग पर पानी मौजूद था।

शिवलिंग पर पानी कहां से और कैसे आता है। ये भी आजतक रहस्य बना हुआ है। लेकिन ऐसा कहते हैं कि जहां से मंदिर बना हुआ है वहां जमींदारी प्रथा के समय खेत हुआ करते थे। उस समय खेत में हल चलाते समय शिवलिंग जैसा पत्थर फंस गया। शिवलिंग जैसा दिखने वाले इस काले पत्थर को देखकर, उस समय गांववालों ने शिव का रूप मानकर भोला थान बना दिया। तब से यहां मंदिर बना दिया गया। इस मंदिर की सबसे खास बात ये है कि जो भी बेरोजगार इंसान यहां सच्चे दिल से शिवलिंग की पूजा करता है। उसे बहुत जल्द नौकरी मिल जाती है। इस मंदिर में हर सोमवार को भक्तों की भारी भीड़ आती है।