10 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

45 दिन बाद डाकुओं के चंगुल से छूटा भारतीय,सुषमा की हर किसी ने की तारीफ

नाइजीरिया में समुद्री डाकुओं के चंगुल से संतोष भारद्वाज को रिहा करा लिया गया है, विपक्ष के नेता इस काम के लिए सुषमा की तारीफ कर रहे हैं

2 min read
Google source verification

image

siddharth tripathi

May 11, 2016

Santosh Bhardwaj wife Kanchan

Santosh Bhardwaj wife Kanchan

फोटो- समुद्री डाकुओं के चंगुल से छूटे संतोष भारद्वाज की पत्नी कंचन।

नई दिल्ली।
नाइजीरिया में समुद्री डाकुओं के चंगुल से भारतीय नागरिक संतोष भारद्वाज को रिहा करा लिया गया है। इसकी जानकारी खुद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को ट्वीट कर दी। विपक्ष के नेता इस काम के लिए सुषमा स्वराज की तारीफ कर रहे हैं। सिंगापुर की एक कंपनी में काम करने वाले संतोष भारद्वाज को 26 मार्च को समुद्री डकैतों ने अगवा कर लिया था। पत्नी ने रिहाई के लिए सुषमा स्वराज से गुहार लगाई थी।

सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर मरीन इंजीनियर भारद्वाज की पत्नी को ढांढस देने के लिए जंखना रुपरेलिया और कैप्टेन रोहन रुपरेलिया को धन्यवाद दिया। विदेश मंत्री ने जंखना रुपरेलिया से कंचन भारद्वाज से बात करने की अपील थी। इसके पीछे वजह थी कि वो कंचन को बता सकें कि आखिर किस तरह से कैप्टेन रोहन रुपरेलिया की मदद के लिए भारत सरकार कोशिश कर रही थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि आप भूखे मत रहिए बल्कि धैर्य के साथ आप हमारे साथ चलिए। एक और ट्वीट मेेंं सुषमा ने कहा, मुझे सूचित करते हुए अत्यन्त खुशी है कि संतोष भारद्वाज समुद्री डाकुओं से छूट गए हैं।


सभी कर रहे हैं सुषमा की तारीफ
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा,सुषमा जी बेहतरीन काम कर रही हैं। अभिनेता अनुपम खेर ने कहा,जय हो। संतोष की रिहाई के बाद उनकी पत्नी कंचन ने सुषमा स्वराज को शुक्रिया कहा। कंचन ने कहा,मुझे आपके मंत्रालय पर विश्वास था। 45 दिन अपने पति का इंतजार कर सकी,मैं जीवन भर आपकी आभारी रहूंगी। तीन अप्रेल को सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर संतोष की पत्नी से कहा था,बहन आप खाना नहीं छोड़ें। मैं आपके पति को छुड़वाने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगी।



पत्नी ने पीएम को चिठ्ठी लिखकर की थी मदद की अपील
संतोष के पिता ने कहा कि वो लोग इस अपहरण की जानकारी मिलने के बाद टूट चुके थे। लेकिन उम्मीद नहीं छोड़ी थी। संतोष की पत्नी ने पीएम को चिठ्ठी लिखकर मदद की अपील की। पीडि़त परिवार ने कहा कि हमें उम्मीद थी पीएम हमारे प्रतिनिधि (एमपी) होने का फर्ज निभाएंगे। समुद्री लुटेरों द्वारा अगवा किए गए लोगों में दो डैनिश और एक पाकिस्तानी नागरिक शामिल था।

कौन हैं संतोष
बिहार के मूल निवासी संतोष कुमार शादी के बाद बनारस के मण्डुआडीह में मकान बनवाया हैं। सिंगापुर की शिपिंग कंपनी ट्रांसओशन प्राइवेट लिमिटेड में थर्ड इंजीनियर (मैकेनिकल) के पद पर नियुक्त संतोष कुमार की तैनाती नाइजीरिया में है।


ऐसे हुआ अपहरण
26 मार्च 2016 को नाइजीरिया की राजधानी लागोस से 30 नॉटिकल मील पहले भारद्वाज को उनके चार सहकर्मियों के साथ समुद्री लुटेरों ने अगवा कर लिया। संतोष भारद्वाज के पिता ने बताया कि उनके पास सिंगापुर से शिप कंपनी की तरफ से फोन आया और संतोष के अगवा होने की जानकारी दी गई। इस खबर को सुनने के बाद पूरा परिवार टूट गया । संतोष की पत्नी कंचन ने खाना पीना छोड़ दिया। हालांकि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हिंदी में ट्वीट कर कंचन से खाना न छोडऩे की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार संतोष को छुडाऩे में हरसंभव कोशिश कर रही है।

ये भी पढ़ें

image

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग