
कुमार कुन्दन
नई दिल्ली। इस साल देश में केसर के उत्पादन में काफी कमी आयी है। इसकी वजह से बाजार में केसर की कीमत तीन गुना अधिक होने की आशंका है। जम्मू कश्मीर सरकार में कृषि विभाग में मिशन केसर के निदेशक अलताफ एजाज अंद्राबी ने बताया कि चालू फसल वर्ष में केवल 20 प्रतिशत ही केसर का उत्पादन हो पाया है। इसकी वजह से बाजार में इसकी कीमत बढऩे की आसार हैं। फिलहाल केसर लगभग दो लाख रुपये किलो तक बिकती है। बदले हालात में छह लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक बिकने की आशंका है।
बढ़ेगी केसर की कीमत
कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार हर साल औसतन 15 से 17 टन के बीच कश्मीर में केसर का उत्पादन होता है। इस साल ये उत्पादन घटकर महज 3.5 टन हुई है। अलताफ अंद्राबी ने बाताया कि भारत में केसर मोगरा और केसर लच्छा दो किस्म के केसर का उत्पादन होता है। केसर मोगरा लगभग दो लाख रुपये किलोग्राम बिकता है जबकि केसर लच्छा डेढ़ से एक लाख अस्सी हजार के बीच है। उत्पादन कम होने की वजह से दोनों ही किस्म के केसर की कीमत में बढ़ोतरी हो सकती है।
सूखे की मार
अलताफ अंद्राबी ने कहा कि पिछले साल बहुत ही कम बारिश हुई। जुलाई से अक्टूबर के बीच जिस वक्त केसर प्रस्फुटन की अवस्था में होता है उस समय बारिश की जरुरत होती है। हलांकि केसर में बहुत ज्यादा बारिश की जरुरत नहीं होती है लेकिन 30 से 35 मिलीमीटर बारिश भी नहीं हुई जिसकी वजह से सूखे जैसे हालात हो गए। उसके बाद जब केसर में फूल बनते हैं उस समय भी जरुरत के मुताबिक बारिश नहीं हुई। ये सब कुछ मौसम में बदलाव की वजह से हुआ है।
विश्व प्रसिद्ध है केसर मोगरा
भारत में उत्पादित केसर मोगरा विश्व के सर्वोत्तम केसर में से एक माना जाता है। भारत के अलावा केसर के मुख्य उत्पादक फ्रांस, स्पेन, इटली, ग्रीस और ईरान हैं। ईरान पूरे विश्व में 95 प्रतिशत केसर का उत्पादन करता है। दूसरे स्थान पर स्पेन आता है।
Published on:
3 Apr 2018, 3:53 PM IST
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