पति की मौत के दो महीने गुजरने के बाद जब स्वाति ने यह फैसला लिया तो परिवारङके लोग हैरान रह गए। शहीद संतोष के रिश्तेदार यशवंत घोरपड़े ने कहा कि हमें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि इस मुश्किल घड़ी में वह ऐसा फैसला ले सकती हैं। हम परिवार को हौंसला बंधा रहे थे, लेकिन उन्होंने अपने फैसले से हमें हैरान कर दिया। यशवंत ने कहा कि सर्विस में अपने पति को खोने के बाद भी ऐसा फैसला लेना सामान्य बात नहीं है। यह वाकई बहुत ही साहसिक है। जिस दिन वह मेरे भाई की तरह सेना में जाएंगी, उस दिन मैं बहुत गर्व महसूस करूंगा।