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Electric Vehicle की खपत से बढ़ेगी धातुओं की डिमांड, 50 फीसदी तक बढ़ने का अनुमान

कॉपर, निकल, लेड, जिंक और एल्युमीनियम की मांग बढ़ने की संभावना 2030 तक 14 गुना तक बढ़ेगी मांग, बैट्री सहित अन्य उपकरणों में आते हैं काम

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Electric Vehicle

इलेक्ट्रिक वाहनों की खपत से बढ़ेगी मेटल की डिमांड

नई दिल्ली। दुनियाभर में इलेक्ट्रिक वाहनों ( Electric Vehicle )को प्रोत्साहनों की घोषणा से बेस मेटल्स की चमक लौट सकती है। कॉपर, निकल, लेड, जिंक और एल्युमीनियम की मांग बढऩे की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की उत्पादन रिंग बढ़ेगी तो बेस मेटल की मांग में इजाफा देखने को मिलेगा। इस सेक्टर में एल्युमीनियम, लिथियम, कोबाल्ट, निकल और लेड की भी आवश्यकता होगी।

विशेषज्ञों को उम्मीद है कि वैक्सीन आने के बाद घरेलू और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में रिकवरी तेज होगी, जिसके चलते धातुओं की कीमतों में बड़ा उछाल देख सकते हैं। लिथियम और कोबाल्ट ईवी के लिए महत्वपूर्ण तत्व हैं। कुछ महीनों में ही इनकी मांग 50 फीसदी बढऩे का अनुमान है।

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बढ़ेगी कीमतें
आपूर्ति सीमित होने से धातुओं की कीमतों में भी वृद्धि की आशंका है। लेड (सीसा), एल्युमीनियम और निकल की मांग बढऩे से इनकी कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है। सोसाइटी ऑफ मैन्यूफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल के अनुसार भारत में लिथियम और कोबाल्ट के भंडारों का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय मांग और आपूर्ति के आधार पर घरेलू बाजार में कीमतें तय होती हैं।









2019-30 के दौरान धातु व खनिजों की मांग में बढ़ोतरी का अनुमान














































धातु मांग
निकल14 गुना
एल्मुनियम14 गुना
फास्फोरस13 गुना
आयरन13 गुना
कॉपर10 गुना
ग्रेफाइट10 गुना
लिथियम9 गुना
कोबाल्ट3 गुना
मैगनीज3 गुना

(स्रोत- ब्लूमबर्ग)

इसलिए बढ़ेगी मांग

- निकल: इलेक्ट्रिक वाहन बैट्री सेक्टर और चीन की तरफ से निकिल की मांग बढऩे के कारण इसके भाव में तेजी आएगी। इलेक्ट्रॉनिक वाहन सेग्मेंट से निकिल की डिमांड लगातार बनी हुई है। लीथियम वाली बैट्री के लिए निकिल की मांग बढ़ रही है।

- कॉपर: दुनिया भर की सरकारों की तरफ से ग्रीन एनर्जी इनिशिएटिव्स के कारण भी इसकी मांग बनी रहेगी। चीन से मांग लगातार बनी रहेगी, इस वजह से कॉपर के भाव में आगे भी मजबूती बनी रहेगी।

- जिंक: इसका उपयोग मुख्य रूप से गैल्वेनाइज स्टील और चाइनीज स्टील बनाने के लिए किया जाता है। इंटरनेशनल लेड एंड जिंक स्टडी ग्रुप के मुताबिक जिंक की सप्लाई में 4.4 फीसदी की गिरावट रहने का अनुमान है।

- लेड: इसकी सबसे अधिक मांग ऑटोमोबाइल सेक्टर की तरफ से आती है। इसका इस्तेमाल लेड-एसिड बैट्री बनाने में करते हैं। बैट्री की मांग बढऩे के कारण लेड को सहारा मिला।

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निवेश का बेहतर विकल्प बनेंगी मेटल कंपनियां
दुनिया में जिस तेजी के साथ ईवी कंपनियां बढ़ेगी, उसी तेजी के साथ मेटल कंपनियों की डिमांड बढ़ेगी। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वक्त में निवेश के लिए मेटल कंपनियों में ज्यादा विकल्प होंगे और निवेशकों को ज्यादा बेहतर रिटर्न हासिल होंगे।