16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

न्यूनतम वेतन विधेयक को मंजूरी, करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को नए वेतन विधेयक (नए वेज कोड बिल) को मंजूरी दे दी। इससे देशभर में चार करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।

2 min read
Google source verification

image

lalit fulara

Jul 27, 2017

New Wage Bill

New Wage Bill

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को नए वेतन विधेयक (नए वेज कोड बिल) को मंजूरी दे दी। इससे देशभर में चार करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। नए वेतन विधेयक में मजदूरों से जुड़े चार कानूनों को मिलाया गया है। साथ ही सभी क्षेत्रों में न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित की गई है। जानकारी के अनुसार, नए विधेयक में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948, वेतन भुगतान कानून 1936, बोनस भुगतान अधिनियम 1965 और समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 को एक साथ जोड़ा गया है। इस विधेयक को पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस बिल को संसद के मानसून में पेश किया जा सकता है।

अगले तीन सालों में आपको बिहार में बदलाव दिखेगा - शुशील मोदी(उप-मुख्यमंत्री, बिहार) , देखें वीडियो-


केंद्र को सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों का वेतन तय करने का अधिकार मिला
केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से मंजूर किए गए नए वेतन विधेयक से केंद्र सरकार को सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों का वेतन तक करने का अधिकार मिल गया है। साथ ही केंद्र के फैसले को सभी राज्यों को अनिवार्य रूप से मानने के लिए कहा गया है।
हालांकि, राज्य सरकारें केंद्र की ओर से तय किए गए न्यूनतम वेतन में अपने हिसाब से बढ़ोत्तरी दर्ज कर सकती हैं।

company worker india के लिए चित्र परिणाम

अभी केंद्र और राज्य में अलग-अलग वेतनमान
अभी देश में केंद्र और राज्यों के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग न्यूनतम वेतनमान है। नए वेतन विधेयक में सभी कर्मचारियों को शामिल किया गया है। जानकारों के अनुसार, अभी केंद्र और राज्य की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन उन कर्मचारियों पर लागू होता है जिनको 18000 हजार रुपए मासिक वेतन मिलता है। लेकिन नए वेतन विधेयक के पारित होने के बाद सभी उद्योगों के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन तय हो सकेगा।